बीकानेर. डूंगर या एम.एस.कॉलेज में पढ़ने वाले जिन छात्रों ने इस वर्ष 20 रुपए प्रीमियम जमा कराया है उन छात्रों को अब किसी दुघर्टना में घायल होने पर इलाज के लिए मुआवजा मिलेगा।
राज्य सरकार के निर्देश पर चालू वर्ष से ही छात्रों का बीमा कराने का फैसला हुआ है। कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश के दौरान ही सभी छात्रों से अतिरिक्त 20 रुपए लेकर छात्रों का बीमा किया है। डूंगर कॉलेज में करीब पांच हजार व एम.एस. कॉलेज में करीब 2500 छात्राओं का बीमा हो चुका है। दुघर्टना के दौरान बीमित छात्र या छात्रा की मृत्यु हो जाने पर उनके आश्रितों को 50 हजार रुपए का क्लेम दिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए एक इंश्योरेंश कंपनी से अनुबंध किया है।
बीमा की अवधि सिर्फ एक वर्ष ही है। अगले वर्ष बीमा कराने के लिए दुबारा 20 रुपए जमा कराने होंगे। दुघर्टना चाहे वह कॉलेज आते-जाते हो या फिर घर या टूर पर हो, छात्र या उसके अभिभावक क्लेम के दावेदार होंगे। इसके साथ ही दुघर्टना चार पहिया, दोपहिया, साइकिल या पैदल चलने पर छात्र को क्लेम दिया जाएगा।
क्लेम के लिए संबंधित कॉलेज के प्राचार्य के मार्फत इंश्योरेंश कंपनी से संपर्क करना होगा। जानकारी के मुताबिक सरकार ने योजना कई वर्ष पूर्व ही लागू कर दी थी लेकिन जानकारी के अभाव में छात्र-छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा था। कॉलेज प्रशासन ने भी छात्रों का बीमा नहीं कराया था लेकिन इस वर्ष डूंगर व एम.एस. कॉलेज ने इसकी शुरुआत की है। पिछले वर्ष नोखा में योजना लागू की गई थी।
प्राइमरी के छात्रों का भी होगा बीमा
छात्रों का बीमा करने की योजना सिर्फ कॉलेजों के साथ ही स्कूलों में लागू की गई है। स्कूली छात्रों से प्रीमियम के तौर पर प्रति वर्ष 10 रुपए लिए जाएंगे और दुघर्टना में छात्र या छात्रा की मृत्यु होने पर 30 हजार रुपए क्लेम मिलेगा। इसके अलावा घायल होने पर भी अपेक्षित मुआवजा राशि मिलेगी।
निजी कॉलेजों में योजना नहीं
सरकारी कॉलेजों या स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का बीमा शुरू हो गया लेकिन निजी कॉलेज या स्कूलों में योजना लागू नहीं की गई है। इसलिए मुआवजा यहां के छात्रों को नहीं मिल सकेगा। हालांकि निजी स्कूल या कॉलेज प्रयास करें तो योजना का लाभ लिया जा सकता है।
इसी वर्ष बीमा योजना लागू की गई है। पांच हजार छात्र-छात्राओं का बीमा किया गया है। फीस के साथ ही प्रीमियम जमा करा लिया है। वतर्मान में हो रही सड़क दुघर्टनाओं को देखते हुए योजना लाभदायक है।
-पी.आर.ओझा, प्राचार्य डूंगर कॉलेज
इसी वर्ष योजना की जानकारी मिली है इसलिए करीब 2500 छात्राओं का बीमा किया जा चुका है। जो शेष हैं उनका भी शीघ्र ही बीमा कर दिया जाएगा।
-डॉ.कौशल पारीक, उपप्राचार्य, एम.एस. कॉलेज