जोधपुर. क्या नाम है.., किस शाखा में हो.., घड़ी में कितना समय हुआ है.., अपनी आदत बदलो, मैं यह बर्दाश्त नहीं करुंगा। ऐसे प्रश्न सोमवार को नगर निगम के कार्यवाहक सीईओ दुर्गेश बिस्सा ने देरी से दफ्तर पहुंचने वाले कार्मिकों से पूछे। किसी ने अपनी साइकिल पंक्चर होने का बहाना बनाया तो किसी ने बीमार होने के ढोंग रच कर देरी से दफ्तर पहुंचने का कारण बताया। निगम सीईओ बिस्सा सोमवार को सुबह 10.10 बजे निगम के मुख्य गेट पर टेबल-कुर्सी लगाकर बैठ गए। उन्होंने देरी से आने वाले कार्मिकों को जमकर फटकार लगाई। कार्यवाहक सीईओ को मुख्य गेट पर कुर्सी-टेबल लगाकर हाजिरी लेते देख लेटलतीफ कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
सभी गेट बंद, पिछवाड़े से नहीं आ सके
कुछ कर्मचारियों ने सीईओ की आंख में धूल झौंकने के लिए निगम के पिछवाड़े से प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन सभी गेट पर ताले लगे होने से इन कर्मचारियों को निराशा ही हाथ लगी। बिस्सा ने बिना अनुमति अवकाश पर रहने व देरी से पहुंचे 50 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
इसके साथ ही तीन दिन तक निरंतर देरी से पहुंचने वाले कार्मिकों के खिलाफ राजस्थान सिविल सर्विसेज क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील नियम, 1958 के नियम 17 के तहत आरोप पत्र जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
हाजिरी के दौरान अभियंता शाखा के 31 में से 15, अन्य राजस्व के 18 में से 3, राजस्व शाखा के 16 में से 11, सामान्य शाखा के 30 में से 8, संस्थापन शाखा के 12 में से 3, विधि शाखा के 7 में से 3, विवाह पंजीयन शाखा के 5 में से 3, आयुक्त शहर के 7 में से एक, सूरसागर के 8 में से 2, उप मेयर कक्ष के 5 में से 1 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इनमें से पांच कर्मचारी अवकाश पर थे।
‘अरे कठै हो, फटाफट ऑफिस पहुंचो’
कार्यवाहक सीईओ सोमवार को सुबह 10 बजे निगम दफ्तर पहुंचे। उन्होंने निगम में देरी से आने वाले कार्मिकों की खैर-खबर लेने के लिए सभी शाखाओं के उपस्थिति रजिस्टर मुख्य गेट पर मंगवा लिए और टेबल-कुर्सी लगाकर बैठ गए। सीईओ के इस रुख के बाद कार्मिकों के मोबाइल पर घंटिया बजने लगी।
जो भी अधिकारी व कर्मचारी सबसे पहले दफ्तर पहुंचा, उसने दफ्तर नहीं पहुंचने वाले अपने शाखा के कार्मिकों को ‘अरे कठै हो, फटाफट ऑफिस पहुंचो।’ सामने वाला कुछ पूछना भी चाहता तो साथी कर्मचारी सिर्फ इतना ही कहता ‘आवौला जदै ध्यान पड़ जावैला,’।