भोपाल.
भोपाल आज भी दोस्तों का शहर है। अड्डेबाजी या दोस्तों के साथ गप्प शहर का प्रिय शगल है।
करीब 60 फीसदी लोग या तो दोस्तों के साथ गप्प करते हुए या घर से बाहर शाम गुजारना पसंद करते हैं। हालांकि टेलीविजन का प्रभाव भी बढ़ रहा है लेकिन घरों में छोटे परदे के सामने शाम बिताने वालों की संख्या अब भी केवल 26 फीसदी है।
आधे से ज्यादा भोपाल अमिताभ बच्चन को ऑल टाइम महान अभिनेता मानता है, जबकि सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में मधुबाला का सौंदर्य अभी भी शहर के लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है।
जहां 40 फीसदी से ज्यादा लोग आज भी मधुबाला को सबसे खूबसूरत अभिनेत्री मानते हैं, वहीं 33 फीसदी लोगों की राय ऐश्वर्य राय के पक्ष में है। ताजुल मसजिद और बिड़ला मंदिर को अपने सबसे दर्शनीय स्थल मानने वाले भोपालवासियों का आधा हिस्सा आज प्रेम विवाह का पक्षधर है और उससे भी ज्यादा लोग स्कूली बच्चों को सेक्स शिक्षा देने के हक में हैं।
ये निष्कर्ष उस सर्वेक्षण के हैं जो दैनिक भास्कर ने अपनी स्वर्णजयंती के मौैके पर भोपालवासियों के बीच कराया। 15 सवालों पर 3000 से ज्यादा भोपालवासियों से राय पूछकर शहर के मिजाज को टटोला गया। इनमें हर आयु वर्ग और अलग-अलग शैक्षणिक व आर्थिक पृष्ठभूमि के लोग शामिल थे।
हाल के इतिहास में इस तरह के पहले इतने बड़े और विशद सर्वे में यह उभरकर आया कि भोपाल अब भी आधुनिकता को गले लगाता पारंपरिक शहर है। शहर के बाशिंदे नए दौर से हमकदम हैं, लेकिन गुजरे जमाने की अहमियत को भी भूले नहीं हैं।
यह इससे भी पता चलता है कि जिस भोपाल के 55 फीसदी लोग अमिताभ बच्चन को ऑल टाइम महान अभिनेता मानते हैं, उसी शहर में 17 फीसदी लोग आज भी गुजरे जमाने के नायक दिलीप कुमार के दीवाने हैं।
बॉलीवुड के किंग कहलाने वाले शाहरुख खान को भी थोड़ा झटका लगेगा क्योंकि भोपाल में उन्हें महान अभिनेता मानने वाले सिर्फ 13 फीसदी हैं। इस मामले में भोपाल क्षेत्रीयता की भावना से भी मुक्त है। भोपाल के नबाव परिवार से जुड़े रहे सैफ अली खान को केवल 7 फीसदी लोगों ने पसंद किया।
भोपाल की हरियाली, झील और इसका देश के मध्य में होना शहर के अधिकांश लोगों के लिए यहां रहने की सबसे अहम वजह है। 28 फीसदी से ज्यादा लोग शहर के देश के मध्य में होने की वजह से यहां रहना पसंद करते हैं, जबकि इससे कुछ ही कम 27 फीसदी के लिए हरियाली प्रमुख आकर्षण है। 25 फीसदी लोगों को झील की वजह से शहर में रहना पसंद है।
40 फीसदी से ज्यादा लोग सहमत हैं कि अरेरा कॉलोनी शहर की सबसे अच्छी कॉलोनी है। लेकिन बाकी 60 फीसदी लोगों की राय बेहद बंटी हुई है। चूना भट्टी, भेल टाउनशिप और चौक बाजार को केवल 10-10 फीसदी के आसपास लोग सबसे अच्छा इलाका मानते हैं। 20 फीसदी लोगों ने तो अपने-अपने मोहल्ले या कॉलोनी को सबसे अच्छा बताया।
वास्तुकार चाल्र्स कोरिया के लिए शायद अच्छी खबर नहीं है। नए विधानसभा भवन और भारत भवन का वास्तुशिल्प भोपाल के लोगों को बहुत आकर्षित नहीं कर सका है। 39 फीसदी लोग आज भी ताजुल मसजिद को शहर की सबसे खूबसूरत इमारत मानते हैं, जबकि 27 फीसदी लोग बिड़ला मंदिर को यह दर्जा देते हैं। केवल 17 फीसदी लोगों को नया विधानसभा भवन सबसे खूबसूरत लगता है और 13 फीसदी लोग भारत भवन को सबसे खूबसूरत इमारत मानते हैं।
सबसे दर्शनीय स्थल के चुनाव में भी प्रकृति और पारंपरिकता के प्रति यही लगाव सामने आता है। इस मामले में 38 फीसदी वोटों के साथ बड़ी झील सबसे ऊपर है। दूसरे नंबर पर वन विहार है जिसे 23 फीसदी लोग सबसे दर्शनीय स्थल मानते हैं। केवल 15 फीसदी के आसपास लोग मानव संग्रहालय और सांची को सबसे दर्शनीय स्थल का दर्जा देने को तैयार हैं।
जब बात भोपाल की सबसे प्रमुख शख्सीयत की आती है, तो पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा सबसे ऊपर आते हैं। करीब 52 फीसदी भोपालवासी उन्हें शहर की सबसे प्रमुख शख्सीयत मानते हैं। फिल्मी गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर को सिर्फ 20 फीसदी लोगों के मत मिले। तीसरे नंबर पर फिल्म अभिनेत्री जया बच्चन रहीं जिन्हें 17 फीसदी लोगों ने शहर की सबसे प्रमुख शख्सीयत माना, जबकि राज्य सभा की पूर्व उपसभापति नजमा हेपतुल्लाह को 7 फीसदी से भी कम लोगों का समर्थन मिला।
भविष्य और विकास की परवाह करने वालों के लिए यह जानना जरूर दिलचस्प होगा कि मेट्रो रेल की चाहत भोपालवासियों के मन में सबसे गहरी है। करीब एक तिहाई से ज्यादा शहर एकमत से अपने लिए मेट्रो रेल चाहता है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट चाहने वालों की संख्या 29 फीसदी है तो 17 फीसदी लोग सबसे पहले हाई कोर्ट की बेंच भोपाल में चाहते हैं। स्थानीय फिल्म सिटी भोपाल की प्राथमिकता में ऊपर नहीं है, केवल 14 फीसदी लोगों ने इसके पक्ष में वोट दिए।
भोपाल के लोगों की निवेश प्राथमिकताएं भी अपनी जगह दुरुस्त हैं। करीब 40 फीसदी लोग प्रॉपर्टी को निवेश का सबसे कारगर जरिया मानते हैं। दूसरे नंबर पर बचत खाता आता है जिसमें 33 फीसदी लोग अपनी गाढ़ी कमाई रखना बेहतर समझते हैं। इसके अलावा करीब 14 फीसदी लोग शेयर बाजार को और 11 फीसदी लोग सोने को निवेश का सबसे अच्छा जरिया मानते हैं।
टीवी कार्यक्रमों पर भोपाल की राय बंटी हुई है। सलमान खान के लिए शायद यह बहुत अच्छी खबर नहीं है, उनके कार्यक्रम दस का दम को केवल 14 फीसदी भोपाली देखना पसंद करते हैं। संगीत पर आधारित रियलिटी शो शहर की पसंद में ऊपर है। करीब 27 फीसदी लोग सारेगामा देखना पसंद करते हैं, तो वॉइस ऑफ इंडिया को पसंद करने वाले भी 20 फीसदी से ऊपर हैं। 24 फीसदी लोग फीयर फैक्टर खतरों के खिलाड़ी के मुरीद हैं। 13 फीसदी लोगों ने इनके अलावा अपनी पसंद के अन्य कार्यक्रम चुने।
आश्चर्य नहीं पोहा जलेबी भोपाल का सबसे मनपंसद नाश्ता है। 63 फीसदी लोगों ने इसे चुना। दूसरे नंबर छोला-भटूरा रहा जिसे 14 फीसदी लोगों ने पंसद किया। समोसा पसंद करने वाले भी 10 फीसदी से ज्यादा हैं, जबकि इडली-वडा को भोपाल में केवल 8 फीसदी कद्रदान ही मिले।
सबसे दुखद बात यह है कि 1984 की गैस त्रासदी की विभीषिका और उसकी स्मृतियों से भोपाल आज करीब 24 साल बाद बी उबर नहीं पाया है। 84 फीसदी लोग एकमत से आज भी इसे भोपाल पर सबसे गहरा असर डालने वाली घटना मानते हैं। भारत भवन का निर्माण, बड़ी झील का सौंदर्यीकरण, भेल की स्थापना या ऐसी कोई भी अन्य घटना नहीं है जो इस विभीषिका के असर को कम कर सके।