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मुशर्रफ पाकिस्तान से भागने की फिराक में

लाहौर.par अमेरिका और अन्य देशों के राजनयिकों द्वारा पाकिस्तान से सुरक्षित निकालने में मदद करने से इनकार के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ ने सऊदी अरब से मदद की गुहार लगाई है। हालांकि अभी तक वहां से भी कोई खास सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।

सूत्रों की माने तो मुशर्रफ ने इस्तीफा न देने या महाभियोग का सामना न करने की स्थिति में देश से सुरक्षित निकलने के लिए मदद मांगी थी।

फोन नहीं उठा रहे बुश : इस्लामाबाद के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश द्वारा मुशर्रफ का फोन नहीं उठाए जाने की चर्चा जोरों पर है।

बुश के इस रवैये से मुशर्रफ निराश हैं। वे सेना के अपने पुराने दोस्तों से खुश भी नहीं हैं।

जवाहिरी ने की मुशर्रफ की आलोचना
अलकायदा के दूसरे नंबर के प्रमुख अयमान अल जवाहिरी द्वारा जारी किए गए एक आडियो टेप में मुशर्रफ और पाकिस्तान के दूसरे नेताओं की आलोचना की गई है। इसमें कहा गया कि ये नेता अमेरिका की शह पर पाकिस्तान में अस्थिरता लाने की कोशिश कर रहे हैं। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शनिवार को यहां के एक टीवी चैनल में छोड़े गए इस टेप की आवाज को जवाहिरी द्वारा अंग्रेजी में दिया गया पहला संदेश माना जा रहा है।

नहीं निकलने देंगे
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा और जापान के राजनयिकों ने पार्टी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी से मुलाकात में साफ कह दिया है कि इस्तीफा न देने या महाभियोग का सामना न करने की स्थिति में मुशर्रफ को उनके देश तक सुरक्षित रास्ता नहीं दिया जाएगा।

राजद्रोह का चलेगा मुकदमा
राजनयिकों को यह भी चेतावनी दी गई है कि, महाभियोग प्रस्ताव लाए जाने के बाद पूरी संभावना है कि मुशर्रफ का नाम निकासी नियंत्रण सूची (ईसीएल) में डाल दिया जाए, ताकि इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उन राजद्रोह का मुकदमा चलाया जा सके। रिपोर्टे के मुताबिक, जरदारी ने यह कदम मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता नवाज शरीफ की मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग को देखते हुए उठाया है।





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