भोपाल. राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के डॉक्टरों को समयबद्ध वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
इसके तहत अब उन्हें छह और दस साल की सेवा के बाद क्रमोन्नत वेतनमान मंजूर करने के लिए प्रतिशत का बंधन हटा दिया गया है, लेकिन सोलह साल की सेवा के बाद दिए जाने वाले 14000 के वेतनमान के लिए लागू दो फीसदी के बंधन को बढ़ाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।
किसानों के खिलाफ दर्ज बिजली चोरी प्रकरण वापस लेने के लिए बिजली वितरण कंपनियां अब अदालत के बाहर समझौता करेंगी। विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई महिला नीति लागू करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी। ये फैसला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिया गया। 31 बिंदुओं के एजेंडे में सबसे अहं मुद्दा डॉक्टरों को समयबद्ध वेतनमान देने का था।
पहले छह वर्ष की सेवा के बाद दस हजार और दस साल की सेवा के बाद बारह हजार रुपए वेतनमान अब सभी डाक्टरों को मिलेगा। पहले इसके लिए प्रतिशत का बंधन था।
घटते लिंगानुपात और बढ़ती हिंसा पर ध्यान
महिला नीति में महिलाओं के घटते लिंगानुपात और बढ़ती हिंसा की रोकथाम पर ध्यान दिया जाएगा। लिंगानुपात को संतुलित करने के लिए बालिका भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति बनाने तथा महिलाओं के प्रति बढ़ती हिंसा व अपराधों को नियंत्रित करने के लिए तंत्र की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई है। सूचना संचार तकनीकी में भागीदारी के लिए सूचना संसाधनों तक पहुंच व क्षमताओं का विकास करने की बात महिला नीति में कही गई है।
कैबिनेट में मंजूर अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
>> वन विभाग के डेढ़ हजार दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को वन रक्षक के पद पर नियमित किया जाएगा। पचास वर्ष तक की आयु के श्रमिकों को एक प्रतियोगी परीक्षा पास करना होगा।
>> आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 700 रुपए और सहायिकाओं के मानदेय में 350 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि
>> सर्वशिक्षा अभियान के तहत मंजूर 1119 मिडिल स्कूलों के लिए तीसरे शिक्षक के रूप में 1119 अध्यापकों के पद स्वीकृत। इन पदों को संविदा शिक्षक वर्ग-2 से भरा जाएगा।
>> भविष्य निधि नियमों का सरलीकरण करने के लिए नियमों में संशोधन पर सहमति। अब इस निधि से आंशिक या अंतिम राशि निकालने वास्ते कारण दर्शाने की बाध्यता हटा ली है। एक निर्धारित सीमा तक भविष्य निधि से राशि बगैर कारण बताए निकाली जा सकेगी।