bhaskar Web English
HomeNewsMetrosBhopal Bhopal

डबल लेन होंगे सिंगल लेन हाई-वे

भोपाल. प्रदेश के नेशनल हाई-वे की हालत सुधारने के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए स्टेट रोड इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम के तहत मुहैया कराई गई लगभग सौ करोड़ रुपए की राशि का पचास फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करने को राजी हो गई है।

इस बात के संकेत हाल ही में मध्यप्रदेश की चार दिन की यात्रा कर दिल्ली लौटे केंद्रीय सड़क परिवहन सचिव ब्रम्हादत्त ने नेशनल हाई-वे के अधिकारियों को दिए हैं। प्रदेश में नेशनल हाई-वे का कुछ हिस्सा पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर में चला गया है।

इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा चार नेशनल हाई-वे की सड़कें एनएच से बाहर निकलवाने के कारण अब प्रदेश में नेशनल हाई-वे की लंबाई 3267 किमी बची है। इसमें से लगभग 850 किमी एनएच सिंगल लेन है। 224 किमी हिस्सा तो तीन मीटर का है, बाकी 660 किमी लंबी सड़क पांच मीटर की है। इन सड़कों न्यूनतम सात मीटर करने पर केंद्र सरकार राजी हो गई है।

तीन मीटर सड़क इंदौर-बैतूल के बीच 101 किमी और कटनी-रीवा के बीच लगभग 85 किमी है। बाकी अन्य नेशनल हाई-वे के बीच-बीच में लगभग बीस किमी का भाग सिंगल लेन है। इन सिंगल लेन सड़कों को डबल लेन में तब्दील करने के प्रस्ताव केंद्र सरकार ने तुरंत भेजने का कहा है, ताकि इन्हें डबल लेन में बदला जा सकें।

मंजूर राशि से चार गुना अधिक के कार्य की उम्मीद : सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार मप्र के लिए मंजूर बैंक आफ सेंक्शन की प्रतिशत भी बढ़ाने को तैयार हो गई है। पहले साढ़े तीन फीसदी थी। अब इसे बढ़ाकर 4.25 करने का प्रस्ताव है।

इससे राज्य में चल रहे सड़क के काम मंजूर राशि से चार गुना से अधिक तक कराए जा सकेंगे। अगर सबकुछ प्रस्ताव के मुताबिक हुआ तो चुनावी वर्ष में मप्र को लगभग 144 करोड़ रुपए के और कार्य कराने का हक मिल जाएगा।

‘यह सही है कि केंद्र सरकार मप्र के सिंगल लेन नेशनल हाई-वे को डबल लेन में बदलने और अतिरिक्त वित्तीय मदद देने को राजी हो गई है। इससे नेशनल हाई-वे की हालत सुधारने के काम में तेजी आएगी।’
- शैलेन्द्र शुक्ला, चीफ इंजीनियर, नेशनल हाई-वे

एनएच पर राज्य सरकार ने खर्च किए 100 करोड़
वैसे तो नेशनल हाई-वे के रखरखाव का जिम्मा केंद्र सरकार का है, लेकिन इसके लिए जब बीते वर्ष केंद्र से पर्याप्त राशि नहीं मिली तो राज्य सरकार ने अपने स्तर पर स्टेट रोड इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम बनाया।

इसके लिए पहले चरण में 62 करोड़ रुपए और दूसरे चरण में 38 करोड़ रुपए दिए गए। इस तरह अब तक नेशनल हाई-वे के रखरखाव पर राज्य सरकार अपने खजाने से लगभग सौ करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। जब इस बात की ओर प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों का ध्यान दिलाया तो वे पचास फीसदी राशि देने पर राजी हो गए।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: