भोपाल. राजधानी में अब पानी के संकट की आहट सुनाई देने लगी है। बड़ा तालाब और कोलार डेम का पेट अब तक खाली है। मौसम का मिजाज कुछ ऐसा है कि जम कर बारिश नहीं हो रही।
मानसून के जाने की तारीख तक यदि यहां सामान्य बरसात के लिए अब हर दिन औसतन एक इंच बारिश होने की दरकार है।
राजधानी में 13 अगस्त तक औसत से 13 फीसदी कम बारिश रिकार्ड की गई है, जो सामान्य से 78 सेमी कम है। अब मौसम वैज्ञानिकों की उम्मीद बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम से लगी है। यह सिस्टम 16 अगस्त तक भोपाल पहुंच जाएगा और अल सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
राजधानी में अच्छी बारिश के कई मौके आए, लेकिन वेदर सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) के मजबूत न होने से बारिश में कमी आई है। हालात यह हैं कि कम दबाव, अति कम दबाव और ऊपरी हवा में चक्रवात जैसे चार सिस्टम राजधानी से बगैर पानी बरसाए विदा हो गए।
कब से कब तक बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून 15 जून को आ जाता है और 30 सितंबर तक रहता है। हालांकि बारिश 15 सितंबर तक ही होती है। इस दृष्टि से मानसून के विदा होने में 31 दिन शेष हैं।
लडखड़ाते पूर्वानुमान
इस बार भोपाल स्थित मौसम केंद्र ने जब-जब राजधानी में अच्छी बरसात की भविष्यवाणी की तब-तब अधिकांश बार मामला फुहारों तक सिमटकर रह गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान था कि प्रदेश में अगस्त के अंत तक पर्याप्त बारिश हो जाएगी, जबकि भोपाल सहित 13 जिले अब तक सामान्य बारिश के मोहताज हैं।
बड़ा तालाब खाली
बड़ा तालाब अब भी 11.80 फीट खाली है। जबकि पिछले सालों में अगस्त में तालाब फुल हो जाता था। नगर निगम के सहायक यंत्री सुबोध जैन ने बताया कि तालाब में 1666.80 फीट पानी रहता है। अब तक 1655 फीट पानी भर चुका है।
फिर एक सिस्टम बन रहा है। जिससे 16 व 17 अगस्त को राजधानी में बारिश होगी। वैसे राजधानी की बारिश औसत के आसपास ही है।
-डा. डीपी दुबे, डायरेक्टर मौसम विज्ञान केंद्र मप