अमृतसर. निजी कंपनियों की तर्ज पर बीएसएनएल ने भी कई तरह की लुभावने ‘ऑफर’ देने शुरू दिए हैं।
कंपनी ने इसके लिए मैसेज सर्विस का सहारा लिया है जो अब लोगों के लिए समस्या बन गई है। मोबाइल फोन उपभोक्ताओं को आजकल एक ही दिन में ऐसे 30 से 35 मैसेज मिल रहे हैं।
अनेक लोगों ने शिकायत की है कि मैसेज की रिंगटोन आने के बाद हड़बड़ी में मैसेज खोलते हैं तो वह किसी कंपनी का विज्ञापन निकलता है। फोन को जेब से निकालने, मैसेज खोलने और उसे पढ़ने में कम से कम एक मिनट लगता है। इससे न केवल मैसेज बॉक्स भर रहा है बल्कि जरूरत के ‘मैसेज बॉक्स फुल’ होने की वजह से नहीं मिल पा रहे हैं। समय की बर्बादी हो रही है सो अलग।
दोस्तों के मैसेज नहीं मिल पाते : अनेक युवाओं का कहना है कि इतने मैसेज दोस्तों या रिश्तेदारों के नहीं होते, जितने मैसेज कंपनी के होते हैं। एक युवक रनबीर का कहना है, ‘मेरे मोबाइल के इनबॉक्स की कैपेसिटी काफी ज्यादा होने के बावजूद हमेशा मैसेज डिलीट करने पड़ रहे हैं।’ इनमें रिंगटोन और वालपेपर के मैसेज ज्यादा हैं।
फिर परेशान : ललित ने बताया कि निजी कंपनी से परेशान होने के बाद उन्होंने बीएसएनएल का कनेक्शन लिया था, पर इसमें भी न चाहते हुए भी मैसेज को पढ़ना पड़ रहा है, जो समय बर्बाद करता है।
मैसेज से संबंधित कोई भी समस्या होने पर काल सेंटर पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। ऐसी सभी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा।
-एके भार्गव, (जीएम मोबाइल सर्विसेज)