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इंजीनियरिंग की फीस बढ़ी

भोपाल. पिछले कुछ सालों से प्रदेश के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की फीस बढ़ाने की मांग इस बार सरकार ने काफी हद तक पूरी कर दी है। कई कॉलेजों की नए सत्र के लिए तय की गई फीस पिछली फीस से दोगुना तक बढ़ा दी गई है। जबकि कई पुराने कॉलेजों को सबसे कम फीस के दायरे मे रख दिया है।

इस बार फीस 33,300 से 55,000 हजार रुपए सालाना तक तय की गई है। राज्य सरकार की प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति ने मंगलवार को निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीई पाठ्यक्रम की फीस घोषित कर दी है। समिति ने सत्र 07-08 और 08-09 के लिए फीस तय की है।

फीस कमेटी के पास कुल 111 कालेजों के प्रस्ताव आए थे। कमेटी द्वारा 105 कॉलेजों की फीस की घोषणा की गई है। छह कॉलेजों की फीस एक दिन बाद घोषित की जाएगी। कोई अन्य मद नहीं निजी कॉलेजों द्वारा प्रस्तुत वार्षिक आय-व्यय के आधार पर तय की गई फीस में इस बार विकास और प्रगति की दर को भी जोड़ दिया गया है।

समिति ने साफ कर दिया है कि निजी कालेज तय की गई राशि के अलावा किसी अन्य मद में कोई फीस नही ले सकेंगे। इसका सीधा मतलब है कि कालेज प्रबंधन लायब्रेरी, खेल, छात्र कल्याण,सांस्कृतिक कार्यक्रम, कंप्यूटर जैसे अन्य मदों में राशि नहीं वसूल सकेंगे।

छात्र की मर्जी पर ऐच्छिक फीस
समिति ने हॉस्टल, मेस और बस फीस को छात्र द्वारा उपयोग किए जाने के आधार पर लेने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं। फीस के आदेश में साफ किया गया है कि इन सुविधाओं का उपयोग करने वाले छात्रों का यह अकाउंट अलग रखा जाएगा। जिसके लेखा-जोखा का पूरा हिसाब रखा जाएगा।

दो साल तक प्लेसमेंट फीस नहीं
समिति ने कॉलेजों द्वारा प्लेसमेंट फीस वसूलने पर भी लगाम लगा दी है। अब निजी कॉलेज छात्रों से सेकंड ईयर तक प्लेसमेंट के नाम पर फीस नहीं ले सकेंगे। तीसरे और चौथे साल में भी सिर्फ उन्ही छात्रों से प्लेसमेंट फीस ली जा सकेगी, जो कॉलेज में होने वाले कैम्पस इंटरव्यू में शामिल होना चाहते हैं।

फीस की खास बातें
तय की गई फीस सिर्फ सत्र 07-08 और 08-09 में प्रवेश लिए छात्रों पर ही लागू होगी। ये सभी छात्र बीई के चारों साल तक यही फीस देंगे। निजी कॉलेज सत्र 07-08 के छात्रों से फीस का अंतर समायोजित कर सकेंगे। गौरतलब है कि पिछले साल अंतरिम फीस लेने के निर्देश दिए गए थे। पिछले सालों के छात्रों पर पिछली कमेटियों द्वारा तय की गई फीस ही लागू होगी। इसके अनुसार सत्र 04-05 और 05-06 के छात्रों को जस्टिस शचींद्र द्विवेदी कमेटी द्वारा तय की गई फीस देना होगी।

सत्र 06-07 के छात्रों को जस्टिस गुलाब गुप्ता कमेटी द्वारा तय की फीस ही देना होगी। इस सत्र में नए खुले कॉलेजों के लिए समिति ने सत्र 07-08 के लिए तय की गई सभी कॉलेजों की फीस के औसत अधिभार के अनुसार फीस तय की है, लेकिन अभी प्रवेश नहीं हुए हैं । इसलिए इन कॉलेजों के खर्च का ब्यौरा उपलब्ध नहीं है।

इसी वजह से इन कॉलेजों की खर्च आधारित फीस तय नहीं की जा सकी। पिछले सत्र में ज्यादा फीस वसूलने की शिकायत मिलने पर कमेटी ने अधिक राशि वापस करने का नोटिस दिया था। ऐसे कॉलेजों को फीस कमेटी ने चेतावनी दी है कि तीस दिन के भीतर छात्रों से ली गई अधिक राशि समायोजित न करने पर कॉलेज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





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