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International International लंदन.
ब्रिटेन में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता को वहां की अदालत ने सिर्फ इसलिए हर्जाना कम दिया था, क्योंकि हादसे के वक्त वह नशे में थी। बाद में गलती का एहसास करवाने पर यह निर्णय पलटना पड़ा।
आपराधिक क्षति मुआवजा प्राधिकरण (सीआईसीए) ने इस पीड़िता को 11 हजार पौंड के मुआवजे में से 25 फीसदी काटकर दिए जाने का आदेश दिया था।
उसका तर्क था कि दुष्कर्म के समय पीड़िता ने शराब पी रखी थी, इसलिए उसे कम मुआवजा दिया जाना चाहिए। पीड़िता की भारतीय मूल की वकील देबलीना दासगुप्ता ने सीआईसीए के समक्ष तर्क दिया कि एल्कोहल के सेवन को अपराध में पीड़िता के योगदान के तौर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। दासगुप्ता ने प्राधिकरण से कहा कि इससे लड़ने के लिए कोई रास्ता निकालना चाहिए।
प्राधिकरण ने मानी गलती : प्राधिकरण ने न केवल इस मामले में बल्कि ऐसे ही 14 अन्य मामलों में भी अपनी गलती मानते हुए पिछला निर्णय पलट दिया। इस बीच, ब्रिटेन के विधि मंत्रालय ने भी माना है कि नशे में दुष्कर्म होने पर पीड़ित युवती के हर्जाने को कम करने की कोई नीति नहीं है।