इंदौर. अमरनाथ श्राइन बोर्ड से जमीन वापसी को लेकर विभिन्न संगठनों ने बुधवार को 40 चौराहों पर दो घंटे चक्काजाम किया। इस दौरान अराजकता का माहौल रहा। कई जगह आपात सेवा से जुड़े लोगों को भी नहीं निकलने दिया।
परेशान लोग आसपास की गलियों में गुत्थमगुत्था होते रहे। दफ्तर और दुकानें समय पर नहीं खुलीं। कुछ स्कूल बंद रहे और कई जगह छात्र-छात्राओं की संख्या नगण्य रही। आंदोलनकारियों के आगे पुलिस बेबस नजर आई।
सभी चौराहों पर नौ बजे सड़क के बीच वाहन खड़े कर, रस्सी बांधकर व श्रंखला बनाकर चक्काजाम कर दिया गया। विजयनगर, एलआईजी, पलासिया चौराहा पर कई बार विवाद की स्थिति बनी। डॉक्टर, नर्स, मीडियाकर्मियों ने निकलने की कोशिश की तो उन्हें भी रोक दिया गया। पलासिया चौराहा पर एक महिला अधिकारी ने काफी गुहार की लेकिन कार्यकर्ताओं ने एक न सुनी।
पीली बत्ती की गाड़ी में सवार अधिकारी ने इमरजेंसी का हवाला दिया तो आधा घंटा बहस के बाद जाने दिया। बंगाली कॉलोनी चौराहा पर कार्यकर्ता भगवा ध्वज लहराते रहे। जबरदस्ती आने-जाने वाले कुछ वाहनों की हवा भी निकाली। पत्रकार कॉलोनी चौराहा पर तिलकनगर, साकेतनगर, आनंद बाजार और पलासिया के रास्तों पर रस्सी बांध दी। राजबाड़ा पर सभा भी हुई।
गंगवाल बस स्टैंड चौराहे पर अराजकता का माहौल था। धार रोड, राजमोहल्ला, महू नाका तथा मालगंज की तरफ जाने वाली सड़कें रोक दी गईं। चक्काजाम की सूचना पहले से होने के कारण वाहनों की कतारें तो नहीं लगी, लेकिन जरूरी काम से निकले लोगों के साथ बदसलूकी हुई। सीएसपी प्रमोद सिन्हा, सिद्धार्थ चौधरी व छत्रीपुरा टीआई बीडी त्रिपाठी बल लेकर बस स्टैंड के सामने खड़े थे और चौराहे लोगों से बदसलूकी हो रही थी।
क्लॉथ मार्केट हॉस्पिटल रोड से शांतिलाल एक बीमार बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के लिए चौराहे पहुंचा तो उसे डांट दिया गया। बाफना हॉस्पिटल में भर्ती रिश्तेदार के लिए खाना ले जा रही संगीता के साथ भी अभद्रता हुई। जंजीरवाला चौराहा पर अस्थी विसर्जन के लिए जा रहे प्रकाश उड़के से भी बदतमीजी की गई। मालवा मिल चौराहा पर लगा ही नहीं कि आंदोलन या चक्काजाम है। यहां एक भी जाना पहचाना कार्यकर्ता या नेता मौजूद नहीं था।
पाटनीपुरा पर भी कार्यकर्ताओं की संख्या कमोबेश उतनी ही थी किंतु यहां मोर्चा संभालने वालों में महिलाएं भी थीं। वे हाथों में डंडा लिए लोगों को हकालती रही। सुभाषनगर चौराहा पर भी भी स्थिति थी। परदेसीपुरा चौराहा पर केवल पुलिस बल दिखाई दे रहा था और आवाजाही बदस्तूर जारी थी। यहां कार्यकर्ता चक्काजाम के लिए पहुंचे ही नहीं।
‘कौन भाटिया, हम नहीं जानते’ : गंगवाल बस स्टैंड पर प्रदर्शनकारियों से पूछा गया कि एंबुलेंस, शासकीय वाहन, मीडियाकर्मी और अस्पताल जा रहे लोगों को चक्काजाम से छूट है। इसकी घोषणा अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के संयोजक संजय भाटिया ने ही की है तो वे कहने लगे हम ऐसे किसी आदमी के नहीं जानते। बस यहां से कोई नहीं निकलेगा। एडीएम रमेश भंडारी व एडीशनल एसपी मनोजकुमार सिंह पहुंचे और तीखी नोकझोंक के बाद जरूरतमंदों को निकलवाया।
बल प्रयोग कर खदेड़ा : पलसीकर चौराहे पर चक्काजाम करते हुए भाटिया प्रदर्शकारियों के साथ माणिकबाग ब्रिज पर पहुंचे और लोगों को रोकने लगे। वहां चक्काजाम की सूचना नहीं थी। इस पर टीआई मोहनसिंह ने रोका, तो उनसे ही भिड़ लिए। बाद में हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा।
हाथ-पैर जोड़े फिर भी.. : इंदौर वायर चौराहा पर जाम में फंसे एक वकील ने जाने की गुहार की। हाथ-पैर भी जोड़े लेकिन कार्यकर्ता टस से मस नहीं हुए। वे कीचड़ से सनी गलियों से निकले।
सत्तन को भी रोका : रामचंद्रनगर चौराहा पर नारे लगाते कार्यकर्ताओं ने खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष सत्यनारायण सत्तन को भी रोक लिया। वे करीब 15-20 मिनट खड़े रहे। अन्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें दोपहिया वाहन से बड़ा गणपति चौराहा छोड़ा। वहां भी लोगों से बदसलूकी की गई।
एडीएम की गाड़ी रोकी : बड़ा गणपति चौराहा पर कार्यकर्ताओं ने एडीएम रमेश भंडारी सहित पुलिस वाहनों को भी नहीं जाने दिया। वैसे पुलिस ने चौराहा से कुछ दूर से ही ट्रैफिक परिवर्तित कर दिया था पर जो वाहन चौराहा तक आए उन्हें लौटा दिया गया।
मरीमाता पर ढोल-ढमाके : मरीमाता चौराहा पर कार्यकर्ता ढोल-ढमाके के साथ चक्काजाम कर रहे थे। वहां पत्नी-बच्चे को राखी के लिए स्टेशन छोड़ने जा रहे व्यक्ति को भी रोक दिया। अंतत: उसने गलियों का रास्ता अपनाया। वीर सावरकर चौराहा पर कई बच्चे चक्काजाम कर रहे थे।
दो घंटे नहीं चलीं बसें : सरवटे बस स्टैंड से खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर जाने वाली प्रमुख बसें दो घंटे तक नहीं निकल पाईं। गंगवाल बस स्टैंड से भी धार-झाबुआ जाने वाली बसें प्रभावित हुई। ट्रेन से आए लोगों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा। अवंतिका एक्सप्रेस सुबह 9 बजे आ गई थी लेकिन यात्रियों को कोई साधन नहीं मिला। कई यात्रियों ने पैदल जाना तय किया।
महिलाओं से बदसलूकी : दशहरा मैदान रोड पर चक्काजाम के दौरान महिलाओं से बदसलूकी की गई और साइकिल की हवा निकाली गई। बीमार रिश्तेदार को देखने जा रहे दंपति से भी अभद्र व्यवहार किया गया। राजेंद्रनगर में एबी रोड से प्रवेश करने वाले वाहनों को रोका गया। महू नाका चौराहा पर भाजपा पार्षद पराग लोंढे, सुनील अजमेरा व कार्यकर्ताओं ने लोगों को रोका। कलेक्टर तिराहे पर भी विहिप सदस्यों ने बंद कराया।