जयपुर.
अमरनाथ बाबा के नाम पर बुधवार को शहर दो घंटे के लिए ठहर गया। न किसी को शहर में प्रवेश करने दिया गया और न ही कोई शहर से बाहर जा सका। जो जहां था, उसे वहीं रोक दिया गया। किसी ने गलियों से निकलने देने की गुहार की तो किसी ने जबर्दस्ती बढ़ने की कोशिश की, लेकिन मोर्चे पर डटे कार्यकर्ताओं ने किसी की नहीं चलने दी।
बीमार लोगों व एंबुलेंस को पूछताछ के बाद अवश्य जाने की छूट दी गई। पहिए थमे तो लोग दफ्तरों, स्कूलों, कोचिंग संस्थानों आदि में देरी से पहुंचे। कुछ लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे। पूरे शहर का कमोबेश यही आलम था। कुछ ने आगे बढ़ने का रास्ता किसी तरह तलाशा भी तो दूसरे स्थान पर वे ‘पकड़े’ गए। रेलवे ट्रैक पर भी ट्रेनें दौड़ नहीं सकीं। रेलवे क्रॉसिंग फाटक बंद हुए तो उन्हें खुलने नहीं दिया गया।
अमरनाथ श्राइन बोर्ड को भूमि के पुन: आबंटन की मांग पर अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के राष्ट्रव्यापी चक्का जाम के तहत बुधवार को यह चक्का जाम किया गया। विश्व हिंदू परिषद ने जयपुर में विभिन्न संगठनों को 150 स्थानों पर मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसमें वे कामयाब रहे। मरीजों, एंबुलेंस, मीडियाकर्मियों व हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को जाम से छूट दी गई।
विहिप व हिंदू संगठनों की ओर से चक्का जाम के दौरान परकोटे के चांदपोल बाजार, त्रिपोलिया बाजार, चौड़ा रास्ता, गणगौरी बाजार, जौहरी बाजार, सिरहडयोढ़ी बाजार, रामगंज बाजार, घाटगेट व सूरजपोल गेट बाजार सहित अधिकतर बाजारों में दो घंटे तक वाहन नहीं चले।
गोपालपुरा मोड़ : भाजपा अन्य पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने गोपालपुरा फ्लाईओवर के नीचे ठीक 9 बजते ही यातायात रोक दिया। चक्काजाम से चारों मार्र्गो पर वाहनों की लंबी कतारें लग र्गई।
ओटीएस सर्किल : जेएलएन मार्ग पर लंबी कतारों के बीच अटके लोगों में जाम को लेकर रोष दिखाई दिया। बहुत से लोग इस दौरान जाम कर रहे कार्यकर्ताओं से बहस करते रहे। शुरू में यहां मुख्यमंत्री की कार को निकल जाने देने से कुछ कार्यकर्ताओं में रोष था।
लक्ष्मी मंदिर सिनेमा : टोंक फाटक ओवरब्रिज व आसपास रास्ता रोकने से सैकड़ों वाहन ब्रिज पर, टोंक फाटक व लक्ष्मी मंदिर के बीच अटक गए। कुछ लोग डॉक्टर की पर्ची दिखाकर अस्पताल की ओर जाने में सफल रहे।
रामबाग सर्किल : यहां विहिप के करीब दो सौ कार्यकर्ताओं ने चारों ओर रस्सियां बांधकर रास्ता रोका। सुबह 9:45 बजे संतोकबा दुर्लभजी की ओर 50-60 कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखाई दिए। फिर कुछ पदाधिकारियों ने उन्हें समझाया कि आप लोग चक्काजाम को सफल बनाने में ध्यान दें।
जेडीए सर्किल : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने एक भी वाहन को यहां से नहीं निकलने दिया। यहां अमरनाथ बाबा के स्वरूप में बर्फ की सिल्लियों से शिवलिंग बनाया गया था।
अजमेर हाइवे जाम : अजमेर हाइवे पर सुबह 9 से 11 बजे तक यातायात थम गया। सोढ़ाला थाने से लेकर जयसिंहपुरा भांकरोटा तक कार्यकर्ताओं ने सुबह 9 बजे से पहले ही मोर्चा संभाल लिया था। इससे जो वाहन जहां था, वहीं थम गया। अजमेर की ओर से आई बसें भी बीच में अटक गईं। कई यात्री बसों से उतरकर पैदल ही गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
दिल्ली रोड : विहिप, बजरंग दल सहित कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली रोड पर जाम लगाया। रास्ता रोकने में पुलिस ने कार्यकर्ताओं का साथ दिया।
सांगानेर : सांगानेर प्रतापनगर स्थित पिंजरापोल गोशाला के सामने विहिप, आरएसएस, बजरंग दल और विभिन्न हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता हाथों में लाठी व केसरिया ध्वज लेकर नारेबाजी करते हुए वाहनों को रोकने लगे।
झोटवाड़ा : इलाके में कार्यकर्ताओं ने कांटा चौराहा, खिरनी फाटक, खातीपुरा तिराहा, चौंमू पुलिया, सत्य नगर मोड़, दुर्गादास सर्किल, बाइपास व रावण गेट पर मोर्चा संभाल लिया था। उन्होंने दुपहिया और चारपहिया वाहन रास्ते के बीच खड़े करके आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया।
मुसाफिर परेशान
गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर चक्काजाम समर्थकों ने अमृतसर एक्सप्रेस को रोक लिया। जाम खुलने तक यहां ट्रेन खड़ी रही। इससे कई यात्रियों को परेशानी हुई। पूजा एक्सप्रेस और भुज-बरेली एक्सप्रेस जयपुर से सुबह 11 बजे बाद ही रवाना हो सकी। दौसा में मालगाड़ियों को रोक लेने से बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस जटवाड़ा में खड़ी रही। आंदोलनकारियों ने चौथ का बरवाड़ा में जयपुर-बयाना पैसेंजर एक्सप्रेस को रोक लिया।
दो घंटे नहीं चलीं बसें : सुबह 9 से 11 बजे तक चक्काजाम के कारण सिंधी कैंप बस स्टैंड से दो घंटे तक बसों की आवागमन बंद रहा। इससे यात्रियों की भीड़ लग गई। स्टेशन पर दिल्ली जाने के लिए खड़े विद्याधर नगर निवासी रमेशचंद्र ने बताया कि उसका एक प्राइवेट कंपनी में दोपहर 2 बजे साक्षात्कार है। समय पर पहुंचने के लिए वह घर से 8:30 बजे ही निकल गया था, लेकिन बस स्टैंड पर पता चला कि बसें 11 बजे से पहले रवाना नहीं होंगी।
लोगों ने अपनाए शॉर्टकट रास्ते : कई लोग शॉर्टकट रास्ता खोजने के चक्कर में वाहनों को गलियों में इधर-उधर दौड़ाते रहे। जैसे ही वे मुख्य मार्ग पर पहुंचे, उन्हें रुकना पड़ा।
स्कूल में देरी से पहुंचे : सुबह की पारी में स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में देर हो गई। इसी तरह सुबह की पारी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को घर लौटते समय भी परेशानी का सामना करना पड़ा।