जयपुर/बीकानेर. आदिवासी इलाकों में जनजाति को नौकरी के साथ-साथ सरकार बीएड व बीएसटीसी में भी 45 फीसदी और अनुसूचित जाति को 5 प्रतिशत का आरक्षण देगी। बारां जिले के शाहबाद और किशनगंज क्षेत्र के सहरिया आदिवासियों के लिए भी 25 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
आयुर्वेद में निवेश करने वालों को भी अब रियायती दर पर जमीन दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल ने जोधपुर में विकास प्राधिकरण बनाने को भी हरी झंडी दे दी है।
इसके लिए अगले सप्ताह तक अध्यादेश जारी होने की संभावना है। बीकानेर और उदयपुर को नगर निगम के लिए भी अभी दो दिन का इंतजार करना पड़ेगा। प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे स्वाधीनता दिवस के मौके पर करेंगी।
बीकानेर में हुई कैबिनेट बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि जोधपुर में विकास प्राधिकरण बनाने को ेकैबिनेट ने मंजूरी दे दी। इसमें फिलहाल जोधपुर शहर के 235 गांवों को शामिल किया गया है। शहरी निकायों और पंचायतों में महिलाओं का बराबरी का हक दिलाने के उद्देश्य से उनका आरक्षण 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
दो विश्वविद्यालय और एक कॉलेज का नाम बदला
बीकानेर कृषि विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अब स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय कर दिया गया है। इसी तरह बीकानेर विश्वविद्यालय को भी अब महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह खेतड़ी कॉलेज का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय कर दिया गया है।
आयुर्वेद में निवेश पर मिलेगी सस्ती जमीन
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति यूनानी और आयुर्वेद में कम से कम पांच करोड़ रुपए का निवेश करने वालों को रियायती दर पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें पांच करोड़ रुपए के निवेश पर आरक्षित दर से और इससे ज्यादा निवेश पर ज्यादा रियायती दर पर जमीन दी जाएगी। यह निवेश अस्पताल, कॉलेज, नर्सिग प्रशिक्षण, फार्मेसी, लैब आदि में निवेश किया जा सकता है।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
>> अब पुलिस अफसरों को भी मिलेंगे गैलेन्ट्री अवार्ड।
>> महानिदेशक तकनीकी/प्रशिक्षण का नया पद सृजित होगा। आईएएस लगेगा
>> कृषि मंडियां भी दे सकेंगी अवाप्तशुदा जमीन के बदले मुआवजे में 25 फीसदी विकसित जमीन
>> जलदाय विभाग में 104 हैल्परों को ड्राइवर बनाया जाएगा।
>> विभागीय जांच अथवा आरोप-पत्र की वजह से रुकी हुई पेंशन कर्मचारी के दोषमुक्त होने पर 9 प्रतिशत ब्याज सहित मिलेगी
>> लघु एवं लघुत्तर उद्योगों में क्रेता-विक्रेता के बीच विवाद निबटाने के लिए फेसिलिटेशन काउंसिल बनेगी। विक्रेता को 90 दिन में भुगतान मिल सकेगा।
लोगों ने मंत्री की कार पलट दी
बीकानेर/जयपुर. यहां बुधवार को वीर दुर्गादास की मूर्ति अनावरण के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा समय नहीं देने से गुस्साए राजपूत समाज के लोगों ने जमकर हंगामा किया।
युवाओं में इतना जबर्दस्त आक्रोश था कि सिंचाई राज्यमंत्री सुरेन्द्रसिंह राठौड़ की सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई। राठौड़ की गाड़ी की लाल बत्ती निकालकर फेंक दी, शीशे तोड़ दिए और गाड़ी पलट दी। संयोग से उस समय राठौड़ दूसरी गाड़ी में थे। समाज मुख्यमंत्री का सम्मान करना चाहता था, लेकिन वे नहीं रुकी।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री को वीर दुर्गादास राठौड़ की मूर्ति का अनावरण करना था। दो बजे मुख्यमंत्री मूर्ति का अनावरण करने पहुंचीं, लेकिन अनावरण करते ही वे वहां से पॉलीटेक्निक कॉलेज में जनसुनवाई के लिए रवाना हो र्गई।
समाज के लोग मुख्यमंत्री को सम्मानित करना चाहते थे, लेकिन वे तीन मिनट में वहां से रवाना हो र्गई। इस पर समाज के लोग आक्रोशित हो गए और इसे समाज का अपमान बताकर मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एक गुट ने सड़क पर जाम लगा दिया।
समाज के लोगों ने इस बात पर आक्रोश जताया कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के लिए 10 मिनट का समय दिया था, लेकिन वे तीन मिनट में ही रवाना हो र्गई। जाम को देखकर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्र ोशित लोग मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे।
भाटी ने की समझाइश
हंगामे की खबर मिलते ही पयर्टन व आबकारी मंत्री देवीसिंह भाटी मौके पर पहुंचे और लोगों के गिले-शिकवे सुने। भाटी ने मुख्यमंत्री की तरफ से सफाई दी और कहा कि समय कम होने के कारण वे यहां नहीं रुक परई। समाज को यह बात समझनी चाहिए। इसमें अपमान जैसी कोई बात नहीं है। भाटी की समझाइश के बाद ही लोग वहां से रुखसत हुए।
इनका कहना है
‘सीएम को हमारी भावनाएं समझनी चाहिए थीं’ सीएम को राजपूत समाज की भावनाएं समझनी चाहिए थीं। समाज सिर्फ उन्हें सम्मानित करना चाहता था, जिसमें बमुश्किल दो मिनट लगते। जब सीएम ने समय नहीं दिया तो समाज में आक्रोश फैल गया। बाद की घटना उसी का परिणाम है।
-भीमसिंह झझू , अध्यक्ष, क्षत्रिय सभा