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बोर्ड परीक्षा में सबसे बड़ा गोलमाल

रायपुर. जांजगीर जिले के बिर्रा और सेमरिया स्कूल सेंटर में परीक्षा देने वाले आधे से ज्यादा विद्यार्थी फ्राड निकल गए हैं। पोरा बाई और हिमानी ने सेंटर के जिस कक्ष में बैठकर परीक्षा दी थी, उस कमरे में बैठने वाले पूरे के पूरे विद्यार्थियों की आंसरशीट बदल गई थी। जांच में और भी कई चौंकाने वाली बातें उजागर हुई हैं।

सूत्रों ने बताया कि जितने विद्यार्थियों का परीक्षाफल निरस्त किया गया है, उन सभी ने 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक प्राप्त किए थे। आंसरशीट बदलवाकर अच्छे नंबरों से पास होने वाले विद्यार्थियों में 75 फीसदी से ज्यादा छात्राएं हैं। इतना ही नहीं जितने भी विद्यार्थियों ने फर्जीवाड़ा किया है, उनमें इक्का-दुक्का ही उसी गांव के हैं। बाकी सारे विद्यार्थी दूर-दराज के गांव के हैं।

माशिमं के अफसरों को तहकीकात में ऐसे संकेत मिले हैं कि बिर्रा और सेमरिया स्कूल में काफी अर्से से रैकेट चल रहा था। इसमें माशिमं के कुछ आला अफसरों की मिलीभगत के भी क्लू सामने आ रहे हैं। ऐसा पता चला है कि मुख्यालय में पदस्थ कुछ अफसरों को सारी बातों की जानकारी थी। उनकी शह और मदद से ही पूरे कारनामे को अंजाम दिया जा रहा था। बिर्रा और सेमरिया सेंटरों से परीक्षा दिलवाने के लिए किसी भी विद्यार्थी को मौका नहीं मिल जाता था। इसके लिए बाकायदा बोली लगाई जाती थी।

इन सेंटरों से परीक्षा देने के लिए ऊंची पहुंच और मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी। परीक्षा सेंटर का बाकायदा ठेका लिया जाता था। माशिमं के चेयरमैन बीकेएस रे ने अफसरों को इन बिंदुओं पर बारीकी से जांच करने को कहा है। जांच में चौंकाने वाली जानकारी मिलने की संभावना है।

290 गायब आंसरशीट से बढ़ा शक
पोरा बाई का भांडा फूटने के बाद माशिमं के चेयरमैन ने उपसचिव पीके पांडे को जांच अधिकारी बनाकर जांजगीर जिला भेजा था। श्री पांडे ने एक सप्ताह तक पड़ताल की। जांच में सनसनीखेज खुलासों के साथ यह भी पता चला कि बिर्रा परीक्षा सेंटर से 290 कोरी आंसरशीट गायब है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख कर दिया था। अब यह तथ्य सामने आ गया है कि आंसरशीट गायब करके परीक्षा के बाद उसमें सवालों के जवाब उतारे गए और पोराबाई की तरह साफ सुथरी आंसरशीट बाद में उत्तरपुस्तिकाओं के बंडल में शामिल की गई।

कैसे हुआ संदेह
बोर्ड परीक्षा के नतीजों की घोषणा के बाद कसडोल ब्लाक की पोरा बाई ने इतिहास रच दिया था। गांव की छात्रा ने 12वीं बोर्ड में रिकार्ड अंक पाकर टाप किया। माशिमं के चेयरमैन को शंका हुई। उन्होंने आंसरशीट की जांच करवाई। प्रारंभिक जांच में ही इस बात का खुलासा हो गया कि पोराबाई की आंसरशीट किसी और ने लिखी है।

माशिमं ने उसका रिजल्ट निरस्त किया और जांच के आदेश दिए। 10वीं बोर्ड के नतीजों की घोषणा के पहले टापरों की आंसरशीट चेक की गई। उसमें हिमानी तिवारी का फर्जीवाड़ा फूटा। उसके बाद माशिमं के चेयरमैन ने बिर्रा और सिमरिया परीक्षा सेंटर के तमाम विद्यार्थियों की आंसरशीट चेक करने के निर्देश दिए। उसी जांच में इतना बड़ा गोलमाल सामने आया।





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