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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा है कि मेयर अशोक पिंगले की मृत्यु के कारणों की जांच कराई जाएगी। बुधवार को मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय पिंगले के तिलक नगर स्थित निवास पर उनके परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान बताया कि स्वर्गीय पिंगले के लघु भ्राता आलोक पिंगले एवं बहन से बातचीत के बाद यह जानना जरूरी हो गया है कि एनजियोप्लास्टी के बाद एनजियोग्राफी और इस बीच कहीं कोई भूल तो नहीं हुई। उन्होंने बताया कि स्वर्गीय पिंगले की मृत्यु के कारणों की जांच के लिए राज्य शासन के विशेषज्ञ डाक्टरों, एस्कार्ट, अपोलो के डाक्टरों की टीम गठित की जाएगी। टीम का गठन 15 अगस्त के बाद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर सहमति जताई की इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सारे मामले की तह तक जाना जरूरी है। आखिर इसका दर्द परिवार, समाज के लोगों को भोगना पड़ता है।
स्व. पिंगले के निवास पर मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पं श्यामलाल चतुर्वेदी,जिला भाजपा के महामंत्री राजा पांडे, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रामदेव कुमावत, महेश चंद्रिकापुरे, विजय ताम्रकार आदि उपस्थित थे।
मेयर अशोक पिंगले के इलाज में लापरवाही के आरोपों से घिरे अपोलो हास्पिटल के लिए बुधवार का दिन भी हंगामेदार रहा। भाजपा, कांग्रेस व अन्य पार्टियों के नेताओं, कार्यकर्ताओं के साथ नागरिकों ने आज अपोलो हास्पिटल का घेराव कर दिया।
डा. जयराम अय्यर को बर्खास्त कर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े आंदोलनकारियों ने एसईसीएल के सीएमडी व अपोलो के सीईओ भेंट की। राष्ट्रपति, राज्यपाल और अपोलो ग्रुप के एमडी को ज्ञापन भी भेजा गया है।
मेडिकल कालेज व पुल का शिलान्यास
बिलासपुर आने से पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रायगढ़ जिले के ग्राम बड़े अतरमुड़ा में लगभग 83 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रदेश के चौथे मेडिकल कालेज भवन का शिलान्यास व भूमिपूजन किया।
इसके बाद सीएम ने महानदी में छत्तीसगढ़ और उड़ीसा जिले की सरहद पर 45 करोड़ की लागत से बनने वाले 1830 मीटर लंबे पुल का भी शिलान्यास और भूमिपूजन किया। इस पुल की ऊंचाई 8 मीटर की होगी। यह पुल 61 पायो पर खड़ा होगा।
इस अवसर पर सीएम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सूरजगढ़ में क्षेत्र के लगभग 200 ग्राम पंचायतों व 600 गांवों तथा 2 जनपद पंचायतों पुसौर और बरमकेला के साथ ही दो प्रदेशों के लगभग 5 लाख ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिलेगी।