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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur खैरागढ़. यहां से 3 किलोमीटर दूर छुईखदान रोड स्थित पिपरिया नदी पुल पर तकरीबन 1 बजे पवन ट्रेवल्स की बस (सीजी 07 जेड ए क्२४३) के मवेशियों के झुंड में घुसने से 12 मवेशी मारे गए और 22 घायल हो गए।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बस पलटाकर तोड़फोड़ की और बस में आग लगाने का प्रयास किया। गुस्साए ग्रामीणों ने आवाजाही बंद कर चक्काजाम कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला पिपरिया पहुंचा।
वहां ग्रामीण तत्काल मुआवजे को लेकर अड़े हुए थे। मान-मनौव्वल के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर डटे थे। लगभग 6 घंटे बीतने के बाद शाम पौने 6 बजे के आसपास पवन ताम्रकार बस सर्विस की ओर से नगर पंचायत खैरागढ़ के पार्षद प्रफुल्ल ताम्रकार और ग्रामीणों के बीच समझौता हुआ। इसमें बस मालिक की ओर से मुआवजे के रूप में ७क् हजार रुपए गांव के सरपंच कृष्णा यादव को दिए गए।
इसके अलावा एसडीएम पीएस ध्रुव ने राजनांदगांव, खैरागढ़ और छुईखदान के पशुचिकित्सकों को घायल पशुओं का इलाज करने के निर्देश दिए। इलाज के दौरान मवेशियों की मौत पर भी मुआवजे की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया।
दुर्ग से उदयपुर चलने वाली यह बस तकरीबन साढ़े बारह बजे खैरागढ़ से छुईखदान के लिए निकली थी। इसके 15-20 मिनट बाद घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पवन ट्रेवल्स की बस का ड्राइवर सामने जा रही एक बस को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था।
इसी बीच मवेशियों का झुंड अचानक सामने आ गया, जिससे आधा दर्जन मवेशी कुचले गए। चार-पांच गायें बस के नीचे फंसी थी, जिन्हें निकालने के लिए गांववालों ने बस को उलटा दिया। पशुधन की हानि से गांव के लोग आगबबूला हो गए और बस के डीजल टैंक में पैरा डालकर आग लगाने की कोशिश की। आधा दर्जन पशुओं की मौत और लगभग दो दर्जन घायल जानवरों को देखकर गांव वालों का मजमा लगा रहा।
गनीमत है कि छुट्टी नहीं हुई
पिपरिया पुल के समीप ही यहां का स्कूल है। उस वक्त स्कूल छूटने का समय था। गांववाले इसी बात की आशंका से भयभीत थे। उनका कहना था कि अच्छा हुआ जो स्कूल की छुट्टी नहीं हुई।
इससे एक बड़ा हादसा टल गया। पिपरिया नदी पर बना यह पुल बहुत ही संकरा है। इसकी वजह से अक्सर इस रूट पर घटना की आशंका बनी रहती है। कुछ माह पूर्व यहां मु़र्गियों से भरी एक गाड़ी पलट गई थी, जिसमें सैकड़ों मुर्गियां मारी गई थीं। दो दिनों तक इस वाहन को उठाने वाला भी कोई नहीं था।
जानकारी के अनुसार कारीडोर योजना के अंतर्गत इस रोड का निर्माण कार्य जारी है। इस रूट के कई पुल-पुलियों की स्थिति सुधर चुकी है, लेकिन पिपरिया पुल का निर्माण अधर में छोड़ दिया गया है। कुछ दिनों पूर्व पुल का कार्य शुरू करने रास्ता डायवर्ट किया गया था पर आजतक इसका निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।