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रक्षाबंधन कल श्रेष्ठ मुहूर्त डेढ़ घंटे

जयपुर. रक्षाबंधन पर्व पर धनिष्ठा नक्षत्र और मकर व कुंभ राशि में चंद्रग्रहण दिखाई देगा। इस दौरान भद्रा और सूतक के बीच 1 घंटा 31 मिनट तक रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। राजस्थान ज्योतिष परिषद व शोध संस्थान के डॉ. विनोद शास्त्री के अनुसार ग्रहण का सूतक शनिवार को रक्षाबंधन पर्व पर दोपहर ४:0६ बजे से शुरू हो जाएगा।

संक्रांति शाम 5:24 पर है, इसलिए रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त दोपहर 2:35 से शाम 4:06 बजे तक है। धर्मशास्त्र के अनुसार रक्षाबंधन में ग्रहण और संक्रांति का दोष नहीं होता, इसलिए शनिवार दोपहर 2:35 के बाद भद्रा रहित काल में लाभ और अमृत के चौघड़िए में 2:08 से शाम 5:22 तक तक भद्रा समय को टालकर रक्षाबंधन किया जाना श्रेष्ठ रहेगा।

प्रदोष काल शाम 7 से 9:24 तक रहगा। अत: रक्षाबंधन प्रदोषकाल में भी किया जा सकता है। प्रदोष में लाभ के चौघड़िए में शाम 7 से 8:22 तक भी रक्षाबंधन किया जाना श्रेष्ठ है। विनोद शास्त्री के अनुसार रक्षापोटली में अक्षत, सफेद सरसों, सर्वोषधि व सुवर्ण हुआ करता है, जिसे सूती अथवा ऊनी रंगीन धागे के साथ बांधा जाता है।

भद्रा और सूतक काल :

भद्रा शुक्रवार को मध्यरात्रि पश्चात 2:18 से शुरू होकर शनिवार को दोपहर 2:35 बजे तक रहेगी। चंद्रग्रहण का स्पर्श 16-17 की मध्य रात्रि बाद 1:06 बजे होगा, जबकि ग्रहण का मोक्ष तड़के 4:15 बजे होगा। ग्रहण 3 घंटे 09 मिनट का होगा। सूतक ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पूर्व यानी 16 अगस्त की शाम 4:06 बजे शुरू होगा।

क्या न करें :

ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्ति का स्पर्श न करें। अनावश्यक खान-पान, निद्रा, तेल का प्रयोग वर्जित माना जाता है।





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आपके विचार
Rishi Kumar Aggarwal
Friday, 15th Aug 2008, 17:05
Pl. give something on Logical thinking
RATNESH SONI.
Saturday, 16th Aug 2008, 11:32
रक्षा बंधन का पावन पर्व पर मेंरे सभी देश वािसयों को हािर्दक बधाइयां...