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अहमदाबाद ब्लास्ट : मप्र से गया था जखीरा !

अहमदाबाद.गुजरात के प्रमुख व्यापारिक नगर अहमदाबाद में हाल ही में हुए सीरियल धमाकों की साजिश को उजागर कर इसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में नौ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है।

इस बीच, टीवी चैनलों की खबरों में कहा गया है कि धमाकों से पहले बम रखने वालों को गुजरात स्थित पावागढ़ के जंगलों में ट्रेनिंग दी गई थी। विस्फोटक मध्यप्रदेश से लाए गए थे तथा विस्फोट में इस्तेमाल की गईं कारें भी मध्यप्रदेश के ही दो लड़कों ने चुराई थीं।

उम्मीद है कि इन आरोपियों से देश के विभिन्न हिस्सों में हुए आतंकी हमलों की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी। गुजरात के डीजीपी पीसी पांडे ने यहां बताया कि विस्फोटों के मास्टरमाइंड सिमी के कार्यकर्ता मुफ्ती अबू बशीर को शनिवार की सुबह उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ में गिरफ्तार किया गया है। विस्फोटों के संबंध में गिरफ्तार नौ लोगों से पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी संभव हुई।

उन्होंने बताया कि बशीर को जल्दी ही गुजरात लाया जा रहा है। तमाम आरोपियों को हत्या तथा देश के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पांडे के मुताबिक बशीर की गिरफ्तारी से जयपुर, बेंगलूर, हैदराबाद, नई दिल्ली और उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में हुए करीब एक दर्जन अन्य आतंकी हमलों की गुत्थी भी सुलझने के आसार हैं।

गौरतलब है कि अहमदाबाद में 26 जुलाई को हुए 21 बम धमाकों में 55 लोग मारे गए थे, जबकि 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।

धमाकों से संबंधित गिरफ्तार आरोपी

>> अबू बशीर,

>> जाहिद शेख,

>> यूनुस मंसूरी,

>> शम्सुद्दीन शेख,

>> आरिफ कादरी,

>> गयासुद्दीन,

>> इमरान,

>> उस्मान अगरबत्तीवाला,

>> इकबाल शेख

>> साजिद मंसूरी।

बेनकाब हुआ आतंक का चेहरा

>> सिमी ने कराए धमाके

>> सिमी ही है इंडियन मुजाहिदीन

>> अप्रैल में रची धमाकों की साजिश

>> विमान अपहरण भी करना चाहते थे

>> 2006 में केरल में रची गई साजिश

>> सफदर नागौरी ने दिलाई ट्रेनिंग

>> गुजरात के पावागढ़ में हुई ट्रेनिंग

>> सूरत में 25-27 को रखे गए बम

>> जयपुर धमाकों में भी हाथ।

सिमी का ही दूसरा रूप है आईएम

‘इंडियन मुजाहिदीन’ के बारे में पूछने पर पांडे ने बताया कि यह सिमी का ही दूसरा रूप है और इसे संक्षिप्त रूप में आईएम कहा जाता है, जो सिमी का ही हिस्सा है। इसका नेता सफदर नागौरी है। आईएम ने केरल, गुजरात, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में ट्रेनिंग कैंप लगाए थे।

जांच के मददगार

पांडे ने बताया कि गुजरात के कुछ शहरों में खुफिया एजेंसियों ने ‘सिमी स्लीपर सेल’ के नेटवर्क का खुलासा किया है। विस्फोटों एवं इनकी साजिश करने वालों की जांच में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अलावा उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र आदि राज्यों की पुलिस ने भी मदद की।

बमों में फर्क

पांडे के मुताबिक, अहमदाबाद और सूरत में धमाकों के लिए दो अलग-अलग तरह के बम इस्तेमाल किए गए थे। सूरत के बमों में इंटीग्रेटेड चिप्स का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन तकनीकी खामी के कारण वे फट नहीं सके। समझा जाता है षड़यंत्रकारियों ने विस्फोट करने से पहले गुजरात के वड़ोदरा, अहमदाबाद, सूरत, भरूच के अलावा केरल व कर्नाटक में कुछ बैठकें की थीं।

ई-मेल भेजने वाला गिरफ्त से बाहर

आईएम ने आतंकी हमले से कुछ मिनट पहले मीडिया संगठनों को ई-मेल भेजकर सुरक्षा एजेंसियों को उन्हें रोकने की चुनौती दी थी। विप्रो में कार्यरत कंप्यूटर इंजीनियर तौकीर ने यह ई-मेल किया था। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।





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