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International International इस्लामाबाद. पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को पद से हटाने के लिए जोड़-तोड़ तेज हो गई हैं। एक ओर जहां मुशर्रफ खुद इस्तीफा देने से मना कर चुके हैं, वहीं आंकड़े पक्ष में होने के बावजूद सत्तारूढ़ गठबंधन महाभियोग पेश करने से पहले ही उनका इस्तीफा चाहता है। इसके लिए विदेशी दबाव के साथ ही पीपीपी ने सेनाध्यक्ष से इस मामले में दखल के आग्रह का मन बनाया है। इस बीच, महाभियोग का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिसे मंगलवार को नेशनल असेंबली में पेश करने के संकेत हैं।
पीपीपी सूत्रों ने बताया कि सत्तारूढ़ गठबंधन अब मुशर्रफ को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए मुशर्रफ के करीबी माने जाने वाले सेनाध्यक्ष जनरल कियानी से संपर्क करेगा ताकि देश का राजनीतिक संकट जल्द हल किया जा सके। इस बीच, सऊदी अरब के गुप्तचर विभाग के प्रमुख प्रिंस मुकरिन बिन अब्दुल अजीज ने शुक्रवार को मुशर्रफ तथा पीएमएल नेता नवाज शरीफ से इस्लामाबाद में मुलाकात की।
पीपीपी का मानना है कि महाभियोग पेश किए जाने के 72 घंटे पहले मुशर्रफ ने पद नहीं छोड़ा तो पाकिस्तान में राजनीतिक संकट उत्पन्न हो सकता है। तमाम मतभेदों के बावजूद सत्तारूढ़ गठबंधन चाहता है कि मुशर्रफ देश छोड़ कर चले जाएं, भले ही कुछ समय के लिए। मुशर्रफ को हटाना अब उनके लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।
आरोपों की लंबी सूची :
महाभियोग का प्रारूप तैयार करने वाली समिति के प्रमुख सदस्य अहसान इकबाल ने शनिवार को बताया कि प्रारूप तैयार हो गया है, जिसे संभवतया मंगलवार को संसद में पेश किया जाएगा। इसमें 3 नवंबर को इमर्जेसी लगाने तथा संविधान के दुरुपयोग सहित आरोपों की लंबी सूची है। प्रारूप विधि मंत्री को उसके सभी कानूनी पहलुओं की जांच के लिए सौंप दिया गया है।
ये कर सकते हैं सेनाध्यक्ष :
>> मुशर्रफ को सम्मानपूर्वक पद छोड़ने के लिए राजी करना।>> देश के बाहर सुरक्षित निकालना।>> नहीं मानने पर मुशर्रफ को कैद करवाना।>> सरकार व मुशर्रफ के मध्य समझौते का कोई सर्वमान्य हल निकालने में मदद करना। >> अधिक राजनीतिक दबाव पड़ने पर इतिहास को दोहराते हुए सत्ता पर कब्जा करना।
ये कहना है जनरल कियानी का
>> राजनीतिक दबाव में अपनी बेदाग छवि खराब नहीं करेंगे।
>> मुशर्रफ का पक्ष लेकर यह नहीं जताना चाहते कि वे किसी का अहसान लेकर इतने ऊंचे पद तक पहुंचे हैं।
>> मुशर्रफ का विरोध कर यह नहीं जताना चाहते कि वे अहसान फरामोश हैं।
>> मुशर्रफ की कारगुजारियों का बोझ अपने सिर नहीं लेना चाहते।
ये चाहते हैं मुशर्रफ :
>> सम्मानपूर्वक राष्ट्रपति पद पर बने रहना।
>> राष्ट्रपति पद के सभी कानूनी अधिकार अपने पास रखना।
>> इस्तीफा देने की स्थिति में अपने सभी कार्यो के लिए कानूनी संरक्षण।
>> सम्मान व राष्ट्रपति प्रोटोकॉल और सुविधाओं के साथ देश में बने रहना।
महाभियोग से पहले इस्तीफा क्यों?
>> महाभियोग पेश होने के बाद मुशर्रफ को उसका जवाब देने का अधिकार होगा।
>> जवाब में मुशर्रफ नवाज शरीफ व जरदारी के खिलाफ पुराने मामलों का जिक्र कर सकते हैं।
>> शरीफ को किन शर्तो पर सऊदी अरब भेजा गया था और क्यों लौटने दिया गया था, यह बता सकते हैं।>> किन शर्तो पर जरदारी व शरीफ के खिलाफ मुकदमे वापस लिए गए, यह बता सकते हैं।
>> इन सबसे जरदारी व शरीफ को अपने खिलाफ जनआक्रोश की आशंका है।
>> कारगिल की लड़ाई के किसी अनछुए पहलू को भी उजागर सकते हैं।