मुंबई.
क्रूड की कमजोरी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई तेज गिरावट से घरेलू बाजार भी अछूता नहीं है। जानकारों का कहना है कि घरेलू बाजार में सितंबर अंत तक सोना १क्,५क्क् रुपए प्रति १क् ग्राम से भी नीचे पहुंच सकता है। जुलाई में देश के बाजारों में सोने की कीमतों में खासा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
इस दौरान कीमतें १२,९क्क् से बढ़कर १३,५६७ रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच र्गई व इसके बाद फिर १२,५५७ रुपए प्रति दस ग्राम का भाव छुआ। २६ जुलाई को स्थानीय बाजारों में सोना १२,७क्५ से घटकर ११,३क्क् प्रति दस ग्राम दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर २क्क्७ के बाद इसके दाम पहली बार ८क्क् डालर प्रति आउंस से नीचे जा पहुंचे। अमेरिकी अर्थशास्त्रियों ने अपने देश की अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना जताई है, जिससे डालर निवेश का बेहतर जरिया बनकर उभर सकता है व सोने की कीमतों पर प्रभाव पड़ने के आसार हैं।
बिक्री बढ़ी, निवेश घटा :
कीमतें घटने से सोने की खरीदारी में तेजी आई है। जानकारों का कहना है कि दिवाली व शादी के सीजन को देखते हुए लोग पहले से सोना खरीद रहे हैं। वहीं, निवेशक सोने में निवेश से बच रहे हैं। देश में सोने की मांग प्रतिवर्ष ८क् करोड़ टन है। वर्ष की पहली तिमाही में करीब १क् करोड़ टन सोना आयात किया गया है, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि के दौरान आयात १९.३ करोड़ टन था।
बाजार का टर्नओवर घटा :
घरेलू बाजारों में ऊर्जा, सराफा व मूल धातुओं की कीमतों में गिरावट से इनके कारोबार का टर्नओवर घटा है। एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार टर्नओवर में जहां १५ फीसदी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं ओपन इंट्रेस्ट ३ फीसदी कम हुआ है। सोना १९ जनवरी को समाप्त सप्ताह के बाद अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। क्रूड आयल की कीमतें जब तक घट रही हैं, सोने में बिकवाली का दबाव रहने के आसार हैं। चांदी के कारोबार में १३ फीसदी गिरावट का अनुमान है, वहीं ओपन इंट्रेस्ट में २ फीसदी इजाफा हो सकता है।