अहमदाबाद.
श्रंखलाबद्ध बम विस्फोटों के मामले में मास्टरमाइंड मुफ्ती अबू बशीर की गिरफ्तारी से मदरसों पर पुन: उंगुली उठने लगी है। बशीर उत्तरप्रदेश में एक मदरसे का संचालन भी करता था। पहले भी देश के अन्य भागों के मदरसों से आतंकी गतिविधियों के संचालन को लेकर उंगली उठती रही है। यह बात और है कि गुजरात में चल रहे मदरसों को लेकर कोई विवाद सामने नहीं आया है।
फिर भी पुलिस कोई कोताही बरतना नहीं चाहती। सिमी के सक्रिय कार्यकर्ता बशीर की गिरफ्तारी को देखते हुए गुजरात सरकार पुलिस को मदरसों पर निगरानी से संबंधित पहले जारी किए गए सकरुलर पर कड़ाई से अमल का निर्देश दे सकती है।
2005 में बंट गया था सिमी :
वड़ोदरा. वर्ष 2005 में सिमी दो भागों में विभाजित हो गया था। इसमें सफदर नगोरी गुट ने इंडियन मुजाहिद्दीन के बैनर तले आतंकी गतिविधियों को विश्वभर में फैलाने का निर्णय लिया था। नतीजतन अहमदाबाद समेत देश के कई हिस्सों में बम विस्फोट किए गए।
वड़ोदरा में बम तैयार किए जाने की आशंका: पुलिस को संदेह है कि अहमदाबाद एवं सूरत में रखे बम वड़ोदरा में तैयार किए गए हो सकते हैं। आतंकियों ने वड़ोदरा को बेस की तरह इस्तेमाल किया। यहां तक कि बम विस्फोटों के लिए 20-25 कोर ग्रुप बनाए गए थे। इस ग्रुप में शामिल लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थी।