कुंड (रेवाड़ी) नांगल जमालपुर गांव में शनिवार को 500 साल पहले सती हुई एक महिला की याद में समाधि व मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। ग्रामीणों ने यह निर्णय गांव की 28 साल की एक महिला के कहने पर लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक इस महिला में सती की आत्मा प्रवेश कर चुकी है। जिसके दिशा-निर्देश पर यह सब हो रहा है। ग्रामीण अब इस महिला को माई कहकर संबोधित कर रहे हैं।
माई ने ऐसी बताई सती की कहानी : सात दिन पहले गांव नांगल जमालपुर निवासी 28 साल की सीमा देवी पत्नी ताराचंद ने सती स्थान पर पूजा-अर्चना शुरू कर दिया। पहली बार इस स्थान पर किसी महिला द्वारा ऐसा करने से ग्रामीणों को हैरानी हुई। शुरुआत में ग्रामीणों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया लेकिन जब सीमा ने सती के बारे में बताना शुरू किया तो ग्रामीण हैरत में पड़ गए। उसका कहना था कि वह सती रूपवति पत्नी जगदीश की आत्मा है। आज से करीब 500 साल पहले इस गांव का नाम बोहका था। वह अपने पति के साथ अपने ससुराल सुंदरो (वर्तमान में अटेली) जा रही थी कि रास्ते में उसके पति की तबीयत बिगड़ गई और बोहका के पास उनकी मृत्यु हो गई।
इसलिए इसी स्थान पर उसने सती होने का निर्णय लिया। उस समय गांव के ग्रामीणों ने कहा था कि उसकी याद में मंदिर व समाधि बनाई जाएगी लेकिन आज तक किसी ने भी इस पर अमल नहीं किया। इसलिए उसने किसी महिला के शरीर में आकर ग्रामीणों को याद दिलाया है।
दो चरणों में हो रही पूजा-अर्चना
माई बनी सीमा देवी सुबह 8 से 12 बजे व दोपहर 4 से 6 बजे सती स्थल पर पूजा अर्चना करती है। आसपास गांव बींेजपुर, बोहका, ऊंचा-नीचा, राता कलां की महिलाओं ने स्थल के पास भजन-कीर्तन भी शुरू कर दिया है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण माई का दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। ग्रामीणों ने व्यवस्था के तौर पर टेंट लगा दिया है। पिछले दो दिनों से उसने मौन व्रत धारण किया हुआ है। उसके पति ताराचंद का कहना है कि सीमा घर आने के बाद सामान्य हो जाती है और रोजमर्रा की तरह घर का काम करती है। उनकी दो साल की एक बेटी है। घर में वह पारिवारिक सदस्य की तरह रहती है।
रोज आ रहा हजारों का चढ़ावा माई के दर्शन के समय प्रतिदिन हजारों रुपए का चढ़ावा आ रहा है। ग्रामीणों ने एक कमेटी बना दी है जो चढ़ावा अपने पास जमा कर रही है। गांव की सरपंच संतोष देवी का कहना है कि यह राशि मंदिर निर्माण में खर्च की जाएगी।
पंचायत ने कहा, महिला ने जो बोला वह एकदम सही
गांव की सरपंच संतोष देवी, पूर्व सरपंच मातुराम, नंबरदार सुदेश के मुताबिक माई जो कुछ भी बोल रही है, वह सत्य है। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह का ढोंग नहीं कर रही है। पंचायत ने तय किया है कि माई की इच्छा पर गांव में सती का मंदिर व समाधि बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरा गांव मंदिर बनाने में अपना सहयोग देगा।
मामला अभी नोटिस में नहीं आया : उपायुक्त
उपायुक्त चंद्रप्रकाश ने कहा कि यह मामला उनकी नोटिस में अभी नहीं आया है। राज्य में सती का मंदिर व मेला लगने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। मामले का पूरी तरह से पता लगाकर ही अगली कार्रवाई के बारे में कुछ बताया जा सकता है।