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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़.जीत के लिए साम, दाम, दंड और भेद की हर नीति अपनाऊंगा लेकिन इस बार मेडल लेकर ही रहूंगा। बीजिंग से फोन पर भास्कर के साथ विशेष बातचीत में ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके भारतीय बॉक्सर अखिल कुमार ने कहा कि उन्हें आज मोलदोव के विसेसलाव गोजान के साथ होने वाले मैच में जीत का पूरा भरोसा है। देशवासी मेरे लिए दुआ करें।
अखिल ने कहा, अब मैं ऐसे मुकाम पर पहुंच चुका हूं जहां एक तरफ मेडल तो दूसरी तरफ बाहर का रास्ता है। मेरा पहले गोजान से कभी आमना-सामना नहीं हुआ। पर कोच संधू की मदद से मैंने उसके मैच की रिकर्ॉ्िडग देखकर तैयारी की है। उन्होंने कहा, हर बॉक्सर क्वार्टर फाइनल में बेहतर खेल दिखाकर ही पहुंचा है। इसीलिए किसी को हलके में लेना भारी पड़ सकता है।
भारतीय रेलवे में सीनियर अधिकारी के पद पर कार्यरत अखिल से जब पूछा कि क्या आप मेडल जीतने के बाद हरियाणा में डीएसपी पद पर ज्वॉइन करेंगे तो उन्होंने कहा, यह तो वक्त बताएगा कि मैं कहां काम करता हूं और कहां नहीं। भारतीय बॉक्सर ने कहा कि बेहतर खेल की बदौलत अब बीजिंग में दूसरे देशों के प्लेयर्स और मीडिया भी हमें जानने लगे हैं। जब प्रैक्टिस करने जाते हैं तो कई विदेशी बॉक्सर्स हमारा नाम लेकर पुकारते हैं।
उधर सुखवंत बसरा से बातचीत में अखिल ने अपने ट्रेनिंग शिड्यूल के बजाय अन्य दिलचस्प चीजों पर बात की, जैसे कि क्या आपने अशोक फिल्म देखी है? इस फिल्म में शाहरुख खान का एक डायलॉग है,‘छल से या बल से, जीतना तो है ही।’ इससे अखिल की जीत के प्रति ललक का पता चलता है। अखिल ने बताया कि ग्रोजन का डिफेंस काफी अच्छा है।
इस वजह से हो सकता है कि सोमवार को मैं अपने खेलने की शली में थोड़ा सा परिवर्तन लाऊं। अखिल जानते हैं कि करोड़ों लोगों की निगाहें उन पर लगी हुई हैं। इसके बावजूद वे बहुत ज्यादा फिक्रमंद नजर नहीं आए और उन्होंने कहा कि भाईसाहब कुछ अच्छा सा कोट्स बताइए जो मैच के बाद मीडिया को कह सकूं। इस तरह का कोई कोट्स जैसे ही आपको सूझे, तो मुझे एसएमएस कर दीजिएगा।