जम्मू जम्मू कश्मीर में अमरनाथ भूमि विवाद ने सोमवार को और तूल पकड़ लिया। अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत पहले दिन लगभग डेढ़ लाख लोगों ने गिरफ्तारियां दीं।
उधर, श्रीनगर में अलगाववादी नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह के स्थानीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर इस विश्व संस्था से जम्मू कश्मीर के मामले में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। यही नहीं, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस तथा अन्य संगठनों के कार्यकर्ता पुलिस अवरोध तोड़कर रैली स्थल टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर ग्राउंड तक पहुंचे।
जम्मू में उग्र प्रदर्शनकारियों ने तीन बसों में तोड़फोड़ की। उधमपुर में पुलिस ने गिरफ्तारी देने आए लोगांे को रोकने के लिए हवाई फायरिंग, आंसूगैस तथा लाठीचार्ज का सहारा लिया।
गिरफ्तारियां देने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के उमड़ने के कारण राज्य परिवहन निगम की बसें कम पड़ गईं। लोगों को गिरफ्तार करके मौलाना आजाद स्टेडियम, सरकारी स्कूलों एवं कॉलेजों में रखा गया। वहां की अव्यवस्था से खफा आंदोलनकारियों ने तोड़फोड़ भी की।
दो लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का दावा: संघर्ष समिति ने 2.20 लाख लोगों द्वारा गिरफ्तारियां देने का दावा किया है। कठुआ, सांबा, हीरानगर, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, कटड़ा, रियासी, आरएस पुरा इत्यादि में भी बड़ी तादाद में लोगों ने गिरफ्तारियां दीं।
पुलिस थानों पर कब्जा: अधिकतर स्थानों पर लोगों ने शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन किए । ‘बम-बम भोले’ एवं ‘भारतमाता की जय’ के नारों से पूरा जम्मू संभाग दिनभर गूंजता रहा। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थानों पर कब्जा कर लिया और झंडे फहरा दिए। मंगलवार को महिलाएं और बुधवार को बच्चे गिरफ्तारियां देंगे।
प्रधानमंत्री ने की जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली की अपील
नई दिल्ली प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू कश्मीर की स्थिति पर चिंता जताई है। साथ ही सही सोच रखने वाले लोगों से शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की है।