नई दिल्ली. मध्यप्रदेश में नए परिसीमन ने चुनावी वेला पर अपने मंत्रियों और विधायकों की अलोकप्रियता से परेशान भाजपा को राहत दे दी है। इसके चलते सत्तारूढ़ भाजपा को विधानसभा चुनाव में 55 से 70 नए चेहरों के साथ मैदान में उतरने का मौका मिल गया है।
सोमवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में भाजपा महासचिव और प्रदेश के प्रभारी अनंत कुमार व चुनाव प्रभारी वेंकैया नायडू ने आलाकमान के समक्ष प्रदेश के संदर्भ में रिपोर्ट पेश की।
अनंत कुमार ने बताया कि केंद्रीय और प्रदेशिक स्तर पर समीक्षा के बाद प्रदेश में भाजपा अन्य पार्टियों की अपेक्षा आगे है और चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रदेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ एंटीइनकम्बेंसी की बात स्वीकारते हुए अनंत कुमार ने कहा कि इसके बारे में अगले दो महीनों में रणनीति बनाएंगे। लेकिन निवर्तमान विधायकों के टिकट काटे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अपने आप नए परिसीमन में 55 के करीब विधानसभा क्षेत्र की परिस्थितियां बदल गई हैं।
टिकट के मसले पर प्रदेश नेतृत्व के साथ चर्चा कर निर्णय करेंगे। सूत्रों की मानें तो परिसीमन प्रभावित 55 और प्रदेश नेतृत्व से चर्चा के बाद 15 से 20 टिकट कट सकते हैं।