भोपाल. अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का मास्टर माइंड मुफ्ती अबु बशीर मध्यप्रदेश के उज्जैन, इंदौर और जबलपुर शहरों में करीब दो महीने रहा है। यह जानकारी पुलिस को पूछताछ में पता लगी है।
इधर गुजरात पुलिस की टीम ने इतवार को उज्जैन में छापे मारे और संभावना है कि अब यह टीम इंदौर जाएगी। दूसरी तरफ अहमदाबाद पहुंचे मप्र पुलिस दल को अभी तक सीरियल ब्लास्ट करने वाले आतंकी नेटवर्क से तार जुड़े होने के बारे में ठोस जानकारी नहीं मिली है।
गुजरात पुलिस सूत्रों के मुताबिक अबु बशीर और उसके साथियों से जो जानकारी हासिल हुई है, उसमें यह तथ्य सामने आया है कि बशीर मप्र में करीब दो महीने रह चुका है। वह सिमी के गढ़ मालवा के शहरों उज्जैन-इंदौर के अलावा महाकौशल के जबलपुर में भी रहा है।
उधर मप्र पुलिस को गुजरात पुलिस की अब तक की तहकीकात से प्रारंभिक जानकारियां ही हासिल हो पाई हैं। इधर आतंकी नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश में लगी गुजरात पुलिस की टीम ने रविवार को उज्जैन में पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों ने बताया कि इस दल ने उज्जैन में कुछ जगह छापे भी मारे। यह दल अब इंदौर जा सकता है।
जयपुर ब्लास्ट के बचे विस्फोटकों से अहमदाबाद में किए धमाके
अहमदाबाद/ जयपुर. अहमदाबाद के सीरियल विस्फोटों और सूरत में रखे गए बमों के षड्यंत्र के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसके मुताबिक, जयपुर ब्लास्ट के बाद बचे हुए विस्फोटकों का उपयोग गुजरात में किया गया था।
यह भी जानकारी मिली है कि जयपुर और अहमदाबाद में हुए विस्फोटों का कथित मास्टरमाइंड अबू बशीर एवं उसका दायां हाथ समझा जाने वाला साजिद मंसूरी उत्तरप्रदेश के एक मौलवी के साथ 13 मई को हुए जयपुर ब्लास्ट से करीब दो माह पहले जयपुर आए थे।
बशीर जयपुर के नाहरी का नाका क्षेत्र में करीब दो हफ्ते रुका था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अहमदाबाद पुलिस की जांच से पता चला है कि बशीर ने साजिद को जयपुर में ब्लास्ट कराने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
साजिद मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र भी गया था। इन राज्यों के जेहादी युवकों का इस्तेमाल अहमदाबाद विस्फोटों को अंजाम देने में किया गया। यह जानकारी विश्वस्त सूत्रों ने दी है।
हूजी और सिमी में यूं हुआ गठजोड़
समझा जाता है कि बांग्लादेशी आतंकी संगठन हूजी चूंकि भारत में अकेले आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में सक्षम नहीं था। इस वजह से उसने सिमी से हाथ मिलाकर भारत में कहर बरपाने की साजिश रची।
अमेरिका भागा हीवुड
मुंबई. गुजरात में हुए बम विस्फोटों के पहले जिस अमेरिकी नागरिक केनेथ हीवुड के इंटरनेट आईपी से इंडियन मुजाहिदीन का ई-मेल भेजा गया था, वह चुपचाप अमेरिका भाग गया है। मुंबई पुलिस या एटीएस को इसका पता भी नहीं चला।
इससे पहले, मुंबई पुलिस ने हीवुड को हिदायत दी थी कि जांच पूरी होने तक वह देश नहीं छोड़े। हीवुड के मित्र और कानूनी सलाहकार वी मोरेश्वर ने उसके अमेरिका जाने की पुष्टि की है।
जयपुर में पूछताछ के लिए एक दर्जन लोग हिरासत में
जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुए बम विस्फोटों के मामले में जांच कर रही एसआईटी ने रविवार को जयपुर में विभिन्न जगहों से करीब एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
मेडिकल छात्र फरार: जयपुर में मेडिकल छात्र अबरार अली से पूछताछ में एसआईटी को मालूम चला है कि अबरार व चार-पांच अन्य मेडिकल छात्रों ने साजिद मंसूरी को अमोनियम नाइट्रेट उपलब्ध कराया था।
यह रसायन सिमी के कार्यकर्ताओं को केरल, कर्नाटक, गुजरात व मध्यप्रदेश में दी गई ट्रेनिंग में उपयोग में लाया गया था। शेष मेडिकल छात्र फरार हैं। पुलिस उन्हें तलाश रही है।