इंदौर. चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र के कायाकल्प के साथ इसे 200 बिस्तरों का करने की तैयारी है। इसके साथ ही 25 वर्ष पूर्व स्थापना के समय देखा गया सपना साकार हो जाएगा।
1983 में स्थापना के बाद इसके विकास की रफ्तार ने गति नहीं पकड़ी। इसके संचालन के लिए गठित नेहरू अनुसंधान समिति की बैठकें भी हर तीन महीने में होती रहीं और सदस्य विस्तार पर जोर देते रहे लेकिन नतीजा सिफर रहा।
25 साल बाद पास की खाली जमीन पर एक करोड़ की लागत से तीन मंजिला भवन बनाने की योजना बनी है। इसके लिए आईपीएस से करार किया है और आर्किटेक्ट की नियुक्ति हो चुकी है। फिलहाल अस्पताल में 40 बिस्तर हैं, जो नया भवन बनने पर 200 हो जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार समिति की अगली बैठक में निर्णय हो जाएगा। अधीक्षक के मुताबिक नए भवन की प्लानिंग चल रही है लेकिन शासन से कोई राशि नहीं दी जा रही है। मिलेगी तो विकास कार्यो में लगाएंगे।