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फरिश्ता कांप्लेक्स में सेंध

रायपुर. रजबंधा स्थित फरिश्ता कांप्लेक्स की पांचवी मंजिल पर चोरों ने धावा बोला और प्रापर्टी डीलर चंद्रप्रकाश उपाध्याय के आई ब्लाक स्थित फ्लैट का ताला तोड़कर 7.75 लाख रुपए नगदी के अलावा करीब चार लाख के जेवर ले उड़े। फ्लट सूना था। श्री उपाध्याय सपरिवार अपने गृहग्राम कवर्धा गए हुए थे।

फ्लैट 15 अगस्त से सूना था। पुलिस का मानना है, चोरों ने 15 से 17 अगस्त के बीच किसी रात वारदात को अंजाम दिया। चोर फ्लैट के दरवाजे का ताला तोड़कर भीतर घुसे और फिर दो आलमारियों के लाकर तोड़े। एक में नगद राशि रखी थी और दूसरे में जेवर थे। श्री उपाध्याय को चोरी की सूचना आज सुबह मिली। उनके पड़ोसी राजकुमार चितलानी ने फ्लैट का दरवाजा खुला देखकर उन्हें फोन किया।

खबर सुनते ही वे रायपुर के लिए निकल पड़े। उन्हें चोरी की आशंका हो चुकी थी, इस वजह से रास्ते से पुलिस के आला अफसरों को सूचना दे दी। पुलिस उनके पहुंचने के पहले ही घटनास्थल पहुंच गई । फ्लैट में दूध देने वाले का कहना है कि उसने रविवार को सुबह भी दरवाजा खुला देखा था। उसने सोचा कि श्री उपाध्याय आ चुके हैं, इसलिए उसने दो-तीन मर्तबा आवाज भी लगाई। भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। वह यह सोचकर चला गया कि साहब अकेले होंगे। इस आधार पर पुलिस का अनुमान है कि चोरी 16 की रात हुई हो सकती है।

श्री उपाध्याय पिछले चार साल से इस फ्लैट में रह रहे हैं। परिवार में उनकी पत्नी व एक बच्च है। उनका आफिस पहले फरिश्ता कांप्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर पर था। इसी महीने उन्होंने वीआईपी रोड शंकरनगर स्थित अशोका रतन में आफिस शिफ्ट किया है। उन्होंने ‘भास्कर’ को बताया कि एक सौदे के सिलसिले में उन्होंने इतनी बड़ी रकम घर पर रखी थी। श्री उपाध्याय ने बताया कि नकदी के अलावा लाकर में 15 तोला सोना, चांदी के 40 सिक्के, जिनमें उनके पिता परमानंद उपाध्याय का नाम गुदा है और हीरे पांच 5 बटन थे। हड़कंप मचा
भीड़भाड़ वाले आवासीय कांप्लेक्स में सेंधमारी से वहां के रहवासियों में हड़कंप मच गया। पुलिस महकमे में भी खलबली मची है। सोमवार को दोपहर 12 बजे घटना की खबर मिलते ही अफसर हरकत में आ गए। सिटी एसपी डा. लाल उमेद सिंह और एडिशनल एसपी क्राइम अजातशत्रु बहादुर सिंह सहित आधा दर्जन आला अफसर कांप्लेक्स पहुंच गए। आनन-फानन में खोजी कुत्तों का दस्ता बुलवाया गया। कुत्ते घटनास्थल को सूंघकर फरिश्ता कांप्लेक्स के पिछले दरवाजे तक जाकर रुक गए। पुलिस ने फ्लैट से फिंगर प्रिंट ले लिए हैं।

एक से ज्यादा थे
पुलिस को आशंका है कि चोरी की वारदात को एक से ज्यादा और पांच से कम चोरों ने अंजाम दिया है। फ्लैट के प्रवेश द्वार में हैंडल लाक है। चोरों ने बड़ी सफाई से लाक को पेंचकस की सहायता से तोड़ दिया। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि गिरोह में पेशेवर चोर भी शामिल हैं। कांप्लेक्स में रात में गार्ड तैनात रहते हैं। परिसर का चैनल गेट भी बंद रहता है। इसके बावजूद सेंधमारी ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।

करीबियों पर नजर
पुलिस ने चंद्रप्रकाश के बिजनेस से जुड़े लोगों की फेहरिस्त तैयार कर ली है। पुलिस दो दिशाओं में तहकीकात कर रही है। एक टीम को पेशेवर चोरों की तलाश में लगाया गया है। दूसरी टीम श्री उपाध्याय के जान-पहचान वालों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस का यह भी मानना है कि चोर श्री उपाध्याय से जुड़ा हो सकता है, क्योंकि 15 अगस्त को पांचवीं मंजिल के आई-ब्लाक के तमाम फ्लैट में रहने वाले कहीं न कहीं घूमने गए थे। श्री उपाध्याय 15 अगस्त को दोपहर बाद कवर्धा के लिए रवाना हुए। वे तीन दिन के लिए घर से बाहर जा रहे हैं, यह बात भी केवल उनके करीबी और बिजनेस से जुड़े लोग ही जानते थे।

बच गए 12 लाख
चोरों ने जिन आलमारियों से साढ़े बारह लाख उड़ाए, उन्हीं लाकरों में एक छोटा लाकर भी था। उनमें से एक में 12 लाख रुपए और थे। पुलिस यह मान रही है कि चोरों को उन रुपयों के बारे में भनक नहीं थी, इस वजह से वे उन पर हाथ साफ नहीं कर सके।

सामने वाले फ्लैट का भी ताला तोड़ा
चोरों ने श्री उपाध्याय के सामने स्थित एक अन्य फ्लैट का ताला भी तोड़ा था। यह फ्लैट गीता देवी डागा का है। वे कांप्लेक्स के फस्र्ट फ्लोर में रहती हैं। ये फ्लैट उन्होंने अपने मेहमानों के लिए रखा है। फ्लैट खाली था। इस वजह से चोरों के हाथों कुछ नहीं आया।





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