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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. धरसींवा में ब्लड बैंक और रक्त शिविर के उद्घाटन करने के बाद रायपुर लौट रहे राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन अचानक सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र पहुंच गए और उन्होंने दो फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया। एक में प्रदूषण निवारण उपकरण ईएसपी नहीं मिला। उन्होंने इस फैक्ट्री को बंद करने के निर्देश दिए।
श्री नरसिम्हन के साथ रायपुर कलेक्टर सोनमणि बोरा भी थे। राज्यपाल आयरन डस्ट से अटी सड़क देखने के बाद एसकेएस इस्पात पहुंच गए। आसपास काले धुएं का गुबार था। पूछताछ में पता चला कि वहां ईएसपी लगा हुआ है और उस समय चल भी रहा था। वहीं से बल्देव इस्पात की चिमनी से काला धुआं नजर आया। उन्होंने अफसरों को वहां तुरंत भेजा और फिर खुद भी पहुंच गए।
थोड़ी देर वे बाहर से देखते रहे और बाद में फैक्ट्री के भीतर चले गए। भीतर एमडी को बुलाकर उन्होंने जानना चाहा कि प्रदूषण रोकने के लिए उद्योग में ईएसपी लगा है या नहीं? इस पर उन्हें बताया गया कि ईएसपी नहीं है। यह सुनकर उन्होंने नाराजगी जताई और उद्योग को बंद करवाकर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने कलेक्टर को निर्देश दिए। वहां से राज्यपाल सरावगी इस्पात के सामने पहुंचे। वे फैक्ट्री के भीतर तो नहीं गए, लेकिन बाहर सड़क पर काली धूल की मोटी परत देखकर नाराज हुए उन्होंने कलेक्टर से व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए।
बताते हैं कि राज्यपाल को धरसींवा में कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विधायक देवजी पटेल ने प्रदूषण के बारे में बताया। इसके खिलाफ सड़क से विधानसभा तक की लड़ाई का ब्योरा देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदूषण के खिलाफ कड़ाई करने वाले अफसरों को हटा दिया जाता है। प्रशासन इस मामले में उदासीन बना हुआ है। उसी के बाद श्री नरसिम्हन ने फैक्ट्रियों का रुख किया।
पांच टीमें रखेंगी नजर : कलेक्टर सोनमणि बोरा सिलतरा क्षेत्र के उद्योगों की निगरानी के लिए पांच टीमें बना रहे हैं। इसमें प्रदूषण निवारण मंडल, उद्योग, पुलिस, राजस्व और विद्युत मंडल के अफसरों, कर्मचारियों को रखा जाएगा। इसके अलावा कलेक्टर भी समय-समय पर आकस्मिक जांच करेंगे। श्री बोरा ने राज्यपाल को बताया कि जिला प्रशासन सिलतरा क्षेत्र में पर्यावरण को दुरुस्त करने के लिए अनेक उपाय कर रहा है। कोशिश की जा रही है कि जल्द ही लोगों को प्रदूषण से राहत मिले।
सचिव तलब
राज्यपाल ने शाम को आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव एवं प्रदूषण निवारण मंडल के अध्यक्ष बैजेंद्र कुमार को बुलाकर प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। श्री कुमार से संपर्क करने पर उन्होंने केवल इतना कहा कि राज्यपाल से मिला मार्गदर्शन प्रदूषण निवारण मंडल के लिए काफी उपयोगी है। इस पर अमल कर व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रयास किया जाएगा।