भिवानी. अपने प्रतिद्वंद्वी को शक्तिशाली मुक्कों से धूल चटाने वाला विजेंद्र बीजिंग ओलंपिक के बाद बॉलीवुड में भाग्य आजमाएगा। साथ ही, वह मॉडलिंग का शौक भी पूरा करना चाहता है।
छह फीट के इस बॉक्सर ने बीजिंग से दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में बताया कि वह देश के तीन शीर्ष पत्रिकाओं के लिए मॉडलिंग कर चुका है। ओलंपिक की तैयारियों के दौरान उसे लगातार मॉडलिंग के ऑफर मिले। लेकिन कहीं ‘मिशन ओलंपिक’ प्रभावित न हो जाए इसलिए ऑफर स्वीकार नहीं स्वीकारा।
विजेंद्र ने कहा ‘ओलंपिक में पदक जीतने के बाद बॉलीवुड में एंट्री करने की कोशिश करूंगा। क्रिकेटर मॉडलिंग व एक्टिंग कर सकते हैं तो बॉक्सर क्यों नहीं।’
पिता को अपनों से मिली बेरूखी का मलाल
पेशे से हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर विजेंद्र के पिता महीपाल को मलाल है कि अभी तक विभाग से उसके परिवार को बधाई संदेश नहीं मिला, जबकि मुख्यमंत्री सहित देशभर से बधाई मिलने का तांता लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि बिजेंद्र की जीत पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलावा हलका विधायक व अन्य कई विधायकों ने बधाई दी, लेकिन न तो परिवहन मंत्री और न ही परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों ने बधाई दी है।
विरोधियों की तकनीक पर नजर : विजेंद्र ने बताया कि ओलंपिक में प्रतिद्वंद्वी बॉक्सरों को मात देने के लिए वह कोच के मागदर्शन में सुबह-शाम रिंग में अभ्यास करता है। उन बॉक्सरों की वीडियो क्लीपिंग देखता है, जिनके साथ रिंग में मुकाबला होना है। इस तरह प्रतिद्वंद्वी की कमियों का पता चलता है ताकि उनका मुकाबले में फायदा उठाया जा सके।
पूरा दम लगा दूंगा : विजेंद्र कहता है ‘गोल्ड मेडल के लिए पूरा दम लगा दूंगा।’ 20 अगस्त को उनका मुकाबला इम्वाडोर के कालरेस गोंगारा से है। रिंग में उतरने से पहले विजेंद्र भगवान व माता-पिता को याद करना नहीं भूलता।