वड़ोदरा.अहमदाबाद धमाकों के मुख्य अभियुक्त साजिद मंसूरी को गिरफ्तार कराने में उसके बेटे के स्कूल रिकॉर्ड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका खुलासा पुलिस की जांच से हुआ है। साजिद द्वारा अपना नाम बदल लेने और भरूच भाग जाने से पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के लिए काफी पापड़ बेलने पड़े थे।
पुलिस के अनुसार एक साल पूर्व वड़ोदरा छोड़ने के बाद साजिद ने अपना नाम बदलकर सज्जाद कर लिया था। इस बीच, धमाकों में उसकेशामिल होने की पुष्टि हो जाने के बाद सूरत, भरूच और अहमदाबाद पुलिस ने उसको ढूंढ़ निकालने के लिए अभियान छेड़ा था, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। साजिद का नाम बदल लेना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा था।
इसी दौरान वड़ोदरा पुलिस को सूचना मिली कि साजिद का बेटा शहर में अंग्रेजी मीडियम के एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ चुका है। इस सुराग के आधार पर पुलिस को स्कूल से साजिद के बेटे का नाम और विद्यालय छोड़ने के समय की विस्तृत जानकारी मिल गई थी। इस जानकारी से पुलिस को उसेभरूच में ढूंढ़ने में काफी मदद मिली।
वड़ोदरा पुलिस ने भरूच की जांच टीम से संपर्क साधा और शहर के प्रत्येक स्कूल में उसके बेटे की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार पुलिस को एक स्कूल में साजिद का बेटा मिल ही गया। यहां के रिकॉर्ड से पुलिस को लुकमान कालोनी का पता मिला, जहां साजिद छुपा हुआ था। आरोपी के घर पहुंचकर पुलिस ने जब सुलेमान कह कर पुकारा तो साजिद ने अंदर से कहा, ‘यहां कोई सुलेमान नहीं रहता है।’ इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।