bhaskar Web English
HomeNewsNational National

बाजारों में लगेगी नोट परखने की मशीन

नई दिल्ली.नकली नोटों के तेजी से बढ़ते कारोबार के मद्देनजर अब देश के बड़े बाजारों में नकली नोट पकड़ने की मशीनें लगाए जाने पर विचार शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इसके लिए रिजर्व बैंक से संभावनाएं तलाशने को कहा है। इसके लिए मार्केट एसोसिएशनों से भी तालमेल की कोशिश की जा रही है।

मंत्रालय ने एटीएम से निकलने वाले नकली नोटों पर अंकुश लगाने की सलाह दी है। रिजर्व बैंक को भेजे गए सलाह पत्र में मंत्रालय ने कहा कि वह सुनिश्चित करे कि एटीएम के लिए सिर्फ चासंलरी से ही नोट जारी किए जाएं।

बैंक के खिलाफ होगी कार्रवाई :

मंत्रालय अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रालय की सलाह मानते हुए रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को चेतावनी दी है कि एटीएम से नकली नोट निकलने पर संबंधित बैंक के खिलाफ नकली नोट प्रचलन का मामला चलाया जा सकता है। गौरतलब है कि अभी कई बैंक अपने काउंटर पर आए नोट को भी मशीन के उपयोग में लाते हैं।

बैंक कर्मियों का पुलिस वैरीफिकेशन :

उत्तरप्रदेश में डुमरियागंज की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा मंे मिले नकली नोट मामले में स्थानीय कर्मचारी की संलिप्तता के मद्देनजर मंत्रालय ने रिजर्व बैंक को चांसलरी मंे तैनात कर्मियों के नियमित पुलिस वैरीफिकेशन की सलाह दी है।

पॉलीमर नोट छापने पर विचार :

गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) एमएल कुमावत ने बताया कि नकली नोट से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही पॉलिमर नोट छापने पर भी विचार किया जा रहा है। इसमें नकल की कम संभावना है।

बैंकों में लगेंगी यूवी मशीन :

मंत्रालय ने बैंकों को नकली नोट की पहचान के लिए अल्ट्रा वायलेट (यूवी) मशीन और असली-नकली नोट अलग करने के लिए ‘नोट सॉर्टिग’ मशीन लगाने की सलाह भी दी है।

आठ साल से पनप रहा कारोबार

नायक समिति की रिपोर्ट के अनुसार सन 2000 तक देश में 1,69,000 करोड़ रुपए के नकली नोट प्रचलन में थे। सौ, पांच सौ, हजार आदि की अलग-अलग राशि के 61 अरब नोट प्रचलन में है। यह तथ्य करीब तीन वर्ष पहले स्वयं तत्कालीन सीबीआई प्रमुख यूएस मिश्रा ने उजागर किया था। उसके बाद नकली नोट को लेकर कोई प्रमाणिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: