मुंबई.इंसानों में यौन उत्तेजना बढ़ाने की चाहत के चलते इस महानगर में गोरैया की संख्या लगातार कम होती जा रही है। दरअसल, कुछ लोग यह मानते हैं कि इस चिड़िया के मांस से बनी दवा के उपयोग से यौन उत्तेजना बढ़ती है। हालांकि, विशेषज्ञों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है।
पीपल इन डिफेंस ऑफ एनिमल्स (पिडा) संस्था के संस्थापक निदेशक करीम खान ने बताया कि कुछ हकीमों ने नर गोरैया के मांस से यौन उत्तेजना बढ़ाने वाली एक तरल औषधि तैयार कर लेने का दावा किया था। इसके बाद इस दवा की मांग तेजी से बढ़ गई, खासकर शहर के अमीर लोगों में।
महानगर के पायधूनी, भिंडी बाजार, नागपाडा और मोहम्मद अली रोड इलाकों के हकीम इस दवा को बनाने के लिए जाने जाते हैं। खान ने दावा किया कि दवा के खरीददारों में उद्योगपति और फिल्मी सितारे भी शामिल हैं।
शहर के विभिन्न हिस्सों में गोरैया को नायलॉन के जाल की मदद से पकड़ा जाता है। खान ने बताया कि चूंकि गौरेया छोटे आकार की होती है, इसलिए काफी अधिक संख्या में इसकी जरूरत पड़ती है।