इंदौर. सुशील कुमार ने बीजिंग में कुश्ती में पदक जीत कर भारतीय कुश्ती में नई उर्जा का संचार किया है। मैं भी अपने देशवासियों की तरह सुशील की सफलता पर खुश हूं। मुझे इस बात की भी खुशी है कि जो काम मैं नहीं कर पाया हमारी बिरादरी के युवा साथी ने कर दिखाया।
यह बात पूर्व ओलिंपियन पहलवान पप्पू यादव ने इस प्रतिनिधि से कही। उन्होंने कहा ‘ सुशील की जीत से भारतीय कुश्ती का परिदृश्य तेजी से बदलेगा, ऐसी मैं उम्मीद करता हूं।
अब गांव-गांव में मिट्टी के अखाड़ों में जहां पहलवानों की संख्या कम हो रही थी उनमें हलचल तेज हो जाएगी।’ पप्पू ने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारतीय पहलवान केडी जाधव के हेलसिंकी ओलिंपिक में पदक हासिल करने के बाद से ओलिंपिक में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराते रहे हों।
लेकिन हमारी सबसे बड़ी कमजोरी रही है आखिरी मौके पर लड़खड़ाने की। निर्णायक मुकाबले के आखिरी सेकंडों में हम अंक गंवाते रहे जिससे पदक पहलवानों से दूर रहे। मेरा मानना है अगलेओलिंपिक खेलों में भारत के युवा पहलवान जरूर इस क्रम को और आगे बढ़ाएंगे।