भोपाल. राजधानी के हजेला अस्पताल में रविवार को हुई तोड़फोड़ के बाद यहां के डॉक्टरों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। सरकारी सुरक्षा में वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके चलते वे अब अपनी ‘निजी सुरक्षा फोर्स’ बनाने पर विचार कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर डॉक्टर इतने चिंतित हो गए हैं कि कलेक्टर और एसपी से रिवाल्वर के लाइसेंस के आवेदन करने की भी तैयारी कर रहे हैं। निजी डॉक्टरों एवं नर्सिग होम संचालकों ने एक बैठक कर इस पर विचार किया है। सब कुछ ठीक रहा तो यह सुरक्षा फोर्स जल्द ही निजी डॉक्टरों और नर्सिग होम्स की सुरक्षा में नजर आएगा।
डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स करेगी सुरक्षा
‘डिजास्टर मैनेजमेंट फोर्स’ के नाम से डॉक्टरों एवं नर्सिग होम की सुरक्षा के लिए एक दल बनाया जाएगा। संवेदनशील नर्सिग होम एवं क्लीनिक पर दल के सदस्यों को तैनात किया जाएगा। एक टुकड़ी शहर के अन्य निजी क्लीनिकों व नर्सिग होम का चक्कर लगाकर सुरक्षा पर नजर रखेगी।
आपदा के समय सुरक्षा दल मौके पर पहुंचकर मामले को नियंत्रित करेगा। मप्र नर्सिग होम एसोसिएशन के भोपाल ब्रांच अध्यक्ष डॉ. अनूप हजेला के अनुसार शहर के लगभग चार हजार डॉक्टरों को रिवाल्वर दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। वे बताते हैं कि डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटनाएं आम हो गई हैं। ऐसे में डॉक्टरों के पास रिवाल्वर हो तो वह उसका उपयोग अपनी सुरक्षा के लिए कर सकता है।