भोपाल. प्रदेश में यात्री बसों का सफर अब महंगा हो जाएगा। राज्य सरकार ने यात्री किराए में 10 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला लिया है। उधर निजी बस आपरेटर इस वृद्धि से सहमत नहीं हैं।
वे चाहते हैं कि उनकी मांग के अनुसार यात्री किराए में 50 फीसदी वृद्धि हो। इसके साथ ही अन्य मांगों को लेकर बस आपरेटर अपनी प्रस्तावित हड़ताल के बारे में गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अंतिम फैसला करेंगे।
राज्य सरकार ने बस किराया बढ़ाए जाने का फैसला बुधवार को आनन-फानन में ले लिया क्योंकि बस आपरेटर लगातार हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे थे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि डीजल और पेट्रोल के दामों के साथ ही टायर ट्यूब और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में लगातार काफी बढ़ोतरी हुई है।
दिसंबर 2004 के बाद से प्रदेश में पिछले चार वर्र्षो में यात्री वाहनों के किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई थी। निजी बस आपरेटर पिछले एक साल से यात्री वाहनों का किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। परिवहन मंत्री हिम्मत कोठारी के मुताबिक यात्री वाहनों के किराए में वृद्धि की मांग को लेकर बस आपरेटरों ने जून में प्रदेशव्यापी हड़ताल की थी। उनकी मांग थी कि किराए में 50 प्रतिशत वृद्धि की जाए।
उधर किराए में बढ़ोतरी के फैसले से निजी बस आपरेटर खुश नहीं हैं। मप्र बस आपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमेंद्र करनावट ने बताया कि पेट्रोल-डीजल और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों और कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के अनुपात में नई किराया वृद्धि संतोषजनक नहीं है। वे प्रस्तावित बेमियादी बस हड़ताल की घोषणा बुधवार को करने वाले थे, लेकिन उन्हें गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से इंदौर एयरपोर्ट पर मिलने का समय मिला है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही एसोसिएशन हड़ताल के संबंध में निर्णय लेगा। श्री करनावट ने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी र्गई तो गुरुवार शाम तक हड़ताल की तिथि की घोषणा कर दी जाएगी।