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बशीर सेंट्रल जेल में मिलता था नागौरी से!

इंदौर. अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड अबू बशीर गुर्गो के साथ सेंट्रल जेल में बंद सिमी सरगना सफदर नागौरी व साथियों से मुलाकातें करता रहा। उनका मकसद जानने के लिए पुलिस और खुफिया तंत्र बशीर के गुर्गो और पनाहगारों को तलाश रहा है। गुजरात पुलिस का एक दल इंदौर में है और यहां का दल वहां गया है।

सूत्रों के मुताबिक अबू बशीर जयपुर सीरियल ब्लास्ट के पहले लगातार इंदौर आता रहा और नागौरी से कई बार जेल में मिला। बशीर के साथ तौकीर, कयामुद्दीन, सुभान और मो. इकरार की मुलाकातों का भी पता चला है लेकिन जेल रिकॉर्ड में क्या दर्ज हुआ, खुलासा होना बाकी है। बशीर बार-बार इंदौर क्यों आता था?

जेल की मुलाकातों में कहीं कोई खतरनाक साजिश तो नहीं रची गई? यही जानने के लिए बशीर के करीबियों की धरपकड़ की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के तीन नाम सामने आए हैं जिनका खुलासा अभी नहीं किया गया है। ‘भास्कर’ की पड़ताल में पता चला सारे सूत्र अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट से जुड़े हैं लेकिन आला अफसर सीधे तौर पर इससे इंकार कर रहे हैं।

मार्च में श्यामनगर से सिमी सरगना सफदर नागौरी, कमरुद्दीन, आमिल परवेज सहित 13 आतंकवादी पकड़े गए थे। उसके बाद अलग-अलग जगह से उनके 17 मददगार भी गिरफ्तार किए गए। उसके बाद भी पुलिस ने कोई खास खुलासा नहीं किया।

रिमांड अवधि में भी नाकरे टेस्ट व अन्य राज्यों की पुलिस पूछताछ करती रही। करीब एक महीने बाद मददगारों को गिरफ्तारी का सिलसिला भी थम गया। अब पांच दिन से मध्यप्रदेश व गुजरात की पुलिस खुफिया तंत्र के साथ सक्रिय है। काफी मशक्कत के बाद बांदा कम्पाउण्ड निवासी अमान गिरफ्तार किया गया। पता चला वह संबंधियों के मोबाइलों से आतंकवादियों के संपर्क में था।

अमान की दोबारा गिरफ्तारी क्यों?
अमान 2 अप्रैल 2008 को सिमी आतंकवादियों के मददगार के रूप में गिरफ्तार हुआ और जमानत पर छूट गया। इस मामले में आईजी अनिलकुमार से ‘भास्कर’ ने सवाल किए-
>> अमान को पांच महीने में दूसरी बार क्यों गिरफ्तार किया?
- वह सिमी आतंकवादियों को छुड़ाने में कानूनी मदद करने तथा सरकार विरोधी प्रचार-प्रसार में लिप्त रहा है।
>> ऐसा था तो जमानत किन आधारों पर हुई?
-जमानत मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई थी।
>> क्या उसके अहमदाबाद ब्लास्ट और अबू बशीर से ताल्लुक हैं?
-अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई।
>> तो फिर पुलिस रिमांड क्यों मांगा?
नए सूत्र तलाशने के लिए।
>> पुलिस खजराना, चंदननगर, बांदा कम्पाउण्ड, नयापुरा सहित अनेक क्षेत्रों को क्यों खंगाल रही है?
- सिमी प्रतिबंधित संगठन है। पहले पकड़े गए आतंकवादियों के मददगार व ताजा मामले में कहीं कोई सूत्र मिल जाए इसलिए धरपकड़ की जा रही है।

गुजराती कॉलेज से मांगा फरहान का रिकॉर्ड
उधर, गुजरात पुलिस का दल गुजराती होम्योपैथी कॉलेज पहुंचा और अहमदाबाद ब्लास्ट के बाद सुर्खियों में आए डॉ. फरहान का रिकॉर्ड हासिल किया। वह द्वितीय वर्ष का छात्र है।

ज्वलंत सवाल
>> सफदर नागौरी, आमिल परवेज और कमरुद्दीन ने नाकरे टेस्ट में क्या बयान दिए? क्या उसकी कड़ी जयपुर, बेंगलुरू और अहमदाबाद विस्फोट से जुड़ी है?
>> पहले गिरफ्तार आतंकियों में चार हुबली में है। सफदर को रीवा, दो को जबलपुर, दो को शहडोल, एक को सतना भेजकर दो को यहीं रखा गया। कारण अबू बशीर, उसके गुर्गो की मुलाकातें तो नहीं?
>> दूसरे राज्यों की पुलिस के चेताने के बाद स्थानीय पुलिस ने धरपकड़ शुरू की? कहीं विस्फोटों के तार यहां से तो नहीं जुड़े हैं?

संदिग्ध कार की तलाश
सिमी से संबद्ध एक कार की जानकारी भी आला अफसर तलाश रहे हैं। खुफिया तंत्र से इसका नंबर मिलने के बाद से एसपी और आरटीओ सक्रिय हुए। बुधवार रात तक उनकी मीटिंग चलती रही। रिकॉर्ड खंगाला गया। अभी खुलासा नहीं हुआ कि वह कार जब्त हो गई है या नंबर ही सामने आया है।





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