जयपुर. शास्त्रीनगर के तेलीपाड़ा, व्यास कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी व अन्य कॉलोनियों में बुधवार को भी दूषित पानी का कहर जारी रहा। पेट दर्द व उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद बुधवार को 45 लोगों को कांवटिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
कांवटिया अस्पताल में 135 मरीज भर्ती हैं। वहीं 15 लोग निजी अस्पतालों में पहुंचे। इनमें ज्यादातर बच्चे व महिलाएं हैं। दो बच्चों को जेके लोन अस्पताल में रैफर किया गया है। मरीजों के बड़ी संख्या में पहुंचने से कांवटिया अस्पताल में मरीजों को गलियारे व टेबलों पर ही लिटा कर इलाज किया गया।
पिछले छह दिन से तेलीपाड़ा, व्यास कॉलोनी, पर्वतीय कॉलोनी व अन्य कॉलोनियों में एक हजार से ज्यादा लोग दूषित पानी से बीमार हो चुके हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चे व महिलाएं हैं। उल्टी-दस्त व पेट दर्द की शिकायतों के बाद बुधवार शाम तक 45 लोगों को कांवटिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहीं 350 से ज्यादा लोगों ने कांवटिया अस्पताल व प्रभावित क्षेत्र में लगे चिकित्सा शिविरों में इलाज करवाया।
पेयजल आपूर्ति में सुधार नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि छह दिन के बाद भी लीकेज नहीं पकड़ा जा सका है। वहीं जलदाय विभाग के एईएन विजय पारीख ने बताया कि 85 सैंपल विभाग व 43 सैंपल प्रयोगशाला की टीम ने लिए हैं।
सभी में अवशेष क्लोरीन पाई गई है। जीवाणु परीक्षण के सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। पेयजल स्वच्छ आ रहा है। दूषित पानी से प्रभावित इलाके में अधिकांश परिवार गरीब तबके के हैं। उल्टी-दस्त के बाद अस्पताल में भर्ती कालूराम की मां गौरी देवी ने बताया कि बेटे को रह-रह कर पेट में दर्द हो रहा है। दूषित पानी ने पूरा घर ही चौपट कर दिया।
मुआवजा देने की मांग : कांग्रेस ने दूषित पानी से हुई मौतों पर परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। जयपुर नगर निगम में प्रतिपक्ष के मुख्य सचेतक गिरिराज खंडेलवाल व प्रतिपक्ष के नेता रहे विक्रमसिंह शेखावत ने मौतों के लिए सरकार व जलदाय विभाग को जिम्मेदार ठहराया है।
नाली व सीवर से हटेंगी सर्विस पाइपलाइन
जलदाय विभाग की ओर से गंदी नालियों व सीवर चैंबरों से गुजर रही पानी की सर्विस पाइपलाइनों को काटा जाएगा। इसके लिए गुरुवार से सर्वे शुरू करवाया जाएगा।
सीधी कार्रवाई की चेतावनी
दूषित पानी से हुई मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर नागरिक मोर्चा ने सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी है। नागरिक मोर्चा के संयोजक सुरेश मिश्रा ने बताया कि चार लोगों की मौत हो चुकी है व सैकड़ों लोग बीमार हैं, लेकिन अभी तक एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
एक बिस्तर पर दो-दो मरीज
कांवटिया अस्पताल में क्षमता से ज्यादा मरीजों के पहुंचने से व्यवस्था गड़बड़ा गई। बिस्तरों पर दो-दो मरीजों को लिटाया गया है। वहीं मेजों पर भी चादर बिछा कर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एसके काला ने बताया कि क्षमता से अधिक मरीज आने से कुछ दिक्कत आई हैं, लेकिन मरीजों का पूरा इलाज किया जा रहा है।