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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. महंगाई, बेरोजगारी समेत 13 सूत्री मांगों पर ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल से छत्तीसगढ़ में बैंक, बीमा, रेल-डाक समेत केंद्रीय संस्थानों में कामकाज ठप रहा।
मजदूर यूनियनों ने हड़ताल में 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया। कामकाज ठप होने की वजह से केंद्रीय संस्थानों में हजारों करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित होने का अंदेशा है। हड़ताल में राज्य के कर्मचारी भी शामिल हुए।
ट्रेड यूनियनों की आयोजन समिति के बैनर तले राज्य में एसबीआई को छोड़ सभी बैंक, बीमा, डाक, तार, आयकर और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के साथ शिक्षक, मजदूर और किसान हड़ताल के लिए जुटे।
आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) अलग से शामिल हुआ। इससे संबद्ध पीडब्लूडी मजदूर यूनियन, बीड़ी मजदूर, हमाल, मध्यान्ह भोजन रसोइया कर्मचारी, इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन, जूट मिल एसोसिएशन के कर्मचारी भी काम पर नहीं गए। रैलियां भी निकाली गईं।
छत्तीसगढ़ बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के डीके चटर्जी ने कहा कि बैंकों में कामकाज ठप होने से 1000 करोड़ रुपए का लेनदेन प्रभावित हुआ। राज्य के 28 बीमा दफ्तरों में भी काम नहीं हुआ।
सीटू अध्यक्ष बी सान्याल ने पूरे प्रदेश में हड़ताल के सफल होने का दावा किया। उन्होंने बताया कि कोरबा, चिरमिरी, हसदेव, कुशमुंडा, भटगांव, दीपिका, जेवरा स्थित कोयला खदानों में 80 हजार से ज्यादा कर्मचारी भी हड़ताल पर थे, इसलिए अरबों रुपए का कामकाज प्रभावित हुआ। अलबत्ता, राज्य में विमान सेवाएं प्रभावित नहीं हुई।