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किन्नरों ने मचाया आतंक

बिलासपुर. बुधवार को दोपहर अहमदाबाद एक्सप्रेस में रुपए न देने पर किन्नरों ने एक यात्री की पिटाई कर उसे लहुलुहान कर दिया। घटना आज दोपहर अकलतरा और बिलासपुर के बीच हुई। घटना का शिकार यात्री भीमसाव 45 वर्ष, सूरत का रहने वाला है जो कि हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से सूरत जा रहा था।

वह जनरल बोगी में सफर कर रहा था। इसी बोगी में चांपा से चार-पांच किन्नर चढ़े। उन्होंने यात्रियों से बदसलूकी करते हुए उनसे वसूली शुरू कर दी। किन्नरों ने यात्रियों को हलाकान कर दिया। उन्होंने भीमसाव से भी रुपए मांगे, मजबूरन भीमसाव ने उन्हें रुपए तो दिए, लेकिन वह रुपए उन्हें कम लगे। इससे किन्नरों ने भीमसाव से भी बदसलूकी कर दी और उसे आपत्तिजनक बातें कहने लगे। जब भीमसाव ने इसका विरोध किया, तो किन्नरों ने उसे पीट-पीटकर लहुलुहान कर दिया। बाद में अन्य यात्रियों के हस्तक्षेप से उसकी जान बच सकी।

दोपहर करीब 1.15 बजे जब यह ट्रेन बिलासपुर पहुंची, तो बोगी के एक यात्री आरएन सिंह, राजकिशोर नगर निवासी, ने तत्काल इसकी सूचना जीआरपी को दी। जीआरपी ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए उसे आरपीएफ के पास भेज दिया, जिसके बाद श्री सिंह ने इसकी शिकायत आरपीएफ से की। शिकायत मिलने पर आरपीएफ के जवान उस बोगी में पहुंचे, लेकिन तब तक किन्नर वहां से भाग फरार हो चुके थे। इधर ट्रेन छूटने का समय होने के कारण घायल यात्री भीमसाव का इलाज भी यहां नहीं हो सका और उसे रक्तरंजित हालत में ही आगे रवाना होना पड़ा।

किन्नरों से त्रस्त हैं रेलयात्री
यह पहली घटना नहीं है, जब किन्नरों ने इस तरह की हरकत की हो, बल्कि आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं। किन्नरों का गैंग किसी भी ट्रेन में चढ़ जाता है और यात्रियों से अश्लील हरकतें, बदसलूकी करता है। कभी उनकी हरकतों से शर्मशार होकर तो कभी किसी विवाद से बचने के लिए यात्री उन्हें रुपए दे देते हैं। इनमें उन यात्रियों के सामने और भी विकट स्थिति होती है जो अपने परिवार की महिलाओं के साथ यात्रा कर रहे होते हैं।

इन परिस्थितियों में यात्रियों को भारी जिल्लत का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि कोई यात्री साहस जुटाकर किन्नरों को रुपए देने से मना कर दे, तो उसे भीमसाव की तरह गाली-गलौज और मारपीट का शिकार होना पड़ता है।

सुरक्षा इंतजाम नहीं
सफर के दौरान यात्रियों को अक्सर ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है। इसके विपरीत ट्रेनों में यात्रियों को इन घटनाओं से बचाने और उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं होता। किन्नरों का गैंग बेधड़क ट्रेन में चढ़ता है और यात्रियों से र्दुव्‍यवहार कर उनसे रुपए उगाही कर लेता है। ऐसे में ट्रेन में न तो कोई उनसे टिकट पूछने वाला होता और न ही उनकी आपराधिक वारदातों को रोकने वाला। यही कारण है कि किन्नरों का आतंक दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है।





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