अजमेर. बैंक, बीमा और दूरसंचार निगम कर्मचारियों की हड़ताल से बुधवार को दफ्तरों में कामकाज ठप रहा। बैंक और बीमा क्षेत्र में 70 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन नहीं हो पाया। दूरसंचारकर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से टेलीफोन व मोबाइल के बिल जमा नहीं हो सके।
हड़ताल का जिले में व्यापक असर देखा गया। पीएनबी, एसबीबीजे, बैंक ऑफ राजस्थान, देना बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत 30 बैंकों की 80 से अधिक शाखाओं में कामकाज नहीं हुआ। बैंक कार्यालयों में अधिकारी पहुंचे, लेकिन कर्मचारी नहीं होने से क्लियरेंस व लेन-देन का काम ठप रहा।
कचहरी रोड, जयपुर रोड, वैशालीनगर, शास्त्री नगर, आशा गंज, सिनेमा रोड, रामगंज, आदर्शनगर, माखूपुरा औद्योगिक क्षेत्र और ब्यावर रोड समेत जिले की विभिन्न शाखाओं में हड़ताल का असर साफ नजर आया। इधर भारतीय जीवन बीमा निगम अजमेर मंडल के सभी कार्यालयों में भी अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति के संयोजक एसके कपूर ने बताया कि अकेले अजमेर मंडल में ही लगभग 10 करोड़ से अधिक का कारोबार नहीं हो सका। बीएसएनएल के ग्रुप सी व डी के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से बिल जमा कराने के काउंटर बंद रहे और उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा।
सिविल लाइंस स्थित मुख्य प्रबंधक कार्यालय के पास, जीपीओ के पास, वैशालीनगर और आगरा गेट पर स्थित बिल काउंटरों के ताले ही नहीं खुले। बिल जमा नहीं होने और मोबाइल तथा फिक्स फोन के नए कनेक्शन जारी नहीं होने से बीएसएनएल को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
रैली निकाली
इधर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बैंक, बीमा, बीएसएनएल और दवा प्रतिनिधि हड़ताल पर रहे। संयुक्त श्रमिक समन्वय समिति के बैनर तले अलवर गेट स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम के मंडल कार्यालय से रैली शुरू हुई, जो अलवर गेट, मर्ा्िटडल ब्रिज होते हुए एसबीबीजे की स्टेशन रोड शाखा पहुंची। यहां से बैंक व बीएसएनएल कर्मचारी तथा दवा प्रतिनिधि भी रैली में शामिल हो गए।
रैली में शामिल सैकड़ों कर्मचारी केंद्र सरकार विरोधी और श्रमिक एकता संबंधी नारे लगाते चल रहे थे। खासी तादाद में महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। कर्मचारियों ने विभिन्न मांग लिखे प्ले कार्ड हाथ में ले रखे थे। गांधी भवन चौराहा होते हुए रैली निगम के कचहरी रोड स्थित परिसर में पहुंची।
आम सभा
निगम की कचहरी रोड शाखा में हुई आमसभा को विभिन्न कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया। कर्मचारी नेताओं ने सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों का पुन: निजीकरण नहीं करने, बैंकों का आपसी विलय रोकने व कृषि ऋण पर ब्याज दर कम करने समेत विभिन्न मांगों पर चर्चा की।
किसने क्या कहा
जनता का पैसा देश हित में लगना चाहिए।
- रवि कुमार वर्मा, राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलॉइज यूनियन
आम आदमी और पूंजीपतियों के लिए ब्याज दरें समान होनी चाहिए।
- आईसी अग्रवाल, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन
निगम के प्रतिस्पर्धा में आने से ही प्राइवेट मोबाइल कंपनियां दरें कम करने के लिए राजी हुई हैं।
- वीपी शर्मा, दूरसंचार निगम यूनियन
बैंक की प्रत्येक शाखा में लगभग दो करोड़ रुपए का क्लियरेंस प्रतिदिन होता है। बैंक कार्यालय खुला होने के कारण उपभोक्ता पहुंचे, लेकिन कर्मचारी नहीं होने से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
- केएस कपूर, मुख्य प्रबंधक, पीएनबी, कचहरी रोड शाखा