जोधपुर. मेड़ता रोड-जोधपुर रेलमार्ग पर उम्मेद एवं साथीन रोड रेलवे स्टेशन के मध्य मानव रहित रेल फाटक पर बुधवार शाम दवाइयों से भरा एक मिनी ट्रक कालका एक्सप्रेस से टकरा गया। इस टक्कर से मिनी ट्रक के परखच्चे उड़ गए तथा इंजन का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
इस हादसे में मिनी ट्रक में रखी आयुर्वेदिक दवाइयां व अन्य सामान बिखर गया। हादसे में ट्रक चालक सहित दो जने गंभीर रूप से घायल हुए। जिसमें से एक की मौत हो गई। हादसे के कारण कालका एक्सप्रेस 2 घंटे 15 मिनट देरी से जोधपुर पहुंची।
रेलवे पुलिस ने बताया कि चालक बख्ताराम जाट बुधवार को श्रीकामधेनु औषधालय (पथमेड़ा गौशाला) का एक मिनी ट्रक नंबर आरजे 16 पीए 1008 लेकर भोपालगढ़ से जोधपुर के लिए रवाना हुआ। शाम करीब 4.15 बजे ट्रेन संख्या 4887 हरिद्वार-जोधपुर-बाड़मेर कालका एक्सप्रेस उम्मेद व साथीन रोड रेलवे स्टेशन के मध्य मानव रहित रेल फाटक संख्या 128 क्रॉस कर रही थी। जैसे ही ट्रेन गेट पार करने लगी तभी साइड से आया यह मिनी ट्रक उससे टकरा गया।
टक्कर से मिनी ट्रक चकनाचूर हो गया और उसमें भरी दवाइयां, देशी घी के टीन व अन्य सामान दूर तक बिखर गया। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकना चाहा, मगर ट्रेन कुछ दूर जाकर रुकी। इस टक्कर से ट्रेन का इंजन भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में ट्रक चालक बख्ताराम व ट्रक में सवार आनंदसिंह राजपुरोहित गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों घायलों को उपचार के लिए समीप के निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन देसूरी निवासी आनंद सिंह (45) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि बख्ताराम को उपचार के लिए मथुरादास माथुर अस्पताल रैफर किया गया। देर रात तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। रेलवे पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। जरूरी कार्रवाई के बाद कालका एक्सप्रेस को 4 बजकर 50 मिनट पर जोधपुर के लिए रवाना किया जा सका। यह ट्रेन 2 घंटे 15 मिनट की देरी से जोधपुर रेलवे स्टेशन पहुंची।
चालक व गार्ड को बुक ऑफ किया
हादसे के बाद रेलवे ने चालक, गार्ड, प्रारंभिक बयान दर्ज किए। दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के इंजन की स्थिति जांची। इस मामले में ट्रेन के संचालक दल को बुक ऑफ किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक एसके सूद व वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक रजनीश कुमार ने कंट्रोल रुम में बैठकर हादसे की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश भी दिए।
सवा माह में दूसरा हादसा
उम्मेद व साथीन रेलवे स्टेशन के मध्य मानव रहित रेल फाटक संख्या 128 पर सवा माह के भीतर बुधवार को यह दूसरा हादसा हुआ। 6 जुलाई को इसी फाटक पर ट्रेन संख्या 4059 दिल्ली-जैसलमेर इंटरसिटी से मार्बल से भरा एक ट्रक टकरा गया था। इस हादसे में ट्रक चालक सहित ट्रेन में सवार 26 यात्री घायल हो गए थे।
इस मामले में रेलवे के संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रशांत कुमार ने दो दिन जोधपुर प्रवास कर हादसे की जांच भी की थी। उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में कुल 3309 क्रॉसिंग हैं। जिसमें से कुल 1920 मानव रहित रेल फाटक हैं। अकेले जोधपुर जोन में कुल 650 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग हैं। इसमें एक दर्जन ऐसे फाटक हैं, ंजहां पिछले एक वर्ष में आधा दर्जन हादसे हो चुके हैं।
स्वीकृति मिली नियुक्ति नहीं
रेलवे ने 72 मानव रहित क्रॉसिंग पर चौकीदार लगाने की स्वीकृति कुछ माह पूर्व दे दी थी। इसके लिए करीब साढ़े चार करोड़ रुपए का बजट भी आबंटित किया जा चुका है। इसके बावजूद मानव रहित क्रॉसिंग पर चौकीदार की नियुक्ति नहीं की जा सकी है। इंजीनियरिंग शाखा की मानें तो जोधपुर मंडल के 21 मानव रहित क्रॉसिंग पर पुल का काम चल रहा है।