जोधपुर.
कस्टम विभाग के उड़न दस्ते ने थार ड्राई पोर्ट से एक्सपोर्ट हो रहे एंटिक आइटम के 23 बॉक्स रोक दिए हैं। टीम ने रिपोर्ट दी है कि इस सामान में अधिकतर आइटम एंटिक प्रतीत हो रहे हैं। इसलिए इन्हें एक्सपोर्ट से रोक दिया गया है।
एक्सपोर्टर ने इस माल के साथ जाने वाले सिक्कों को बटन बताया है। उदयपुर की मैसर्स रामाकृष्ण गोयल शॉप ने सीएचए साईं शिपिंग के माध्यम से कुछ आइटम विदेश एक्सपोर्ट करने के लिए जोधपुर भिजवाए।
ये आइटम बोरानाडा के थार ड्राई पोर्ट से एक्सपोर्ट होने थे। कस्टम अधिकारियों का उड़न दस्ता 18 अगस्त को अचानक पहुंचा तथा निर्यात होने वाला माल चैक किया। माल के साथ लगी लिस्ट में लिखा हुआ था बटन निर्यात किए जा रहे हैं।
चैक किया तो मालूम पड़ा कि इसमें बटन नहीं सिक्के हैं। निर्यातक ने उन पुराने सिक्कों को बटन बताया। अब जांच के बाद यह माल निर्यात हो पाएगा।
पहले भी पकड़ा जा चुका है
वर्ष २क्क्५ में यहां से इस तरह का एंटिक माल पकड़ा गया था, जिसकी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ने की जांच में बताया था कि निर्यात होने वाला माल एंटिक पीस है। उस माल को निर्यात से रोका गया था। इस मामले में मंगलवार को कस्टम विभाग के संयुक्त निदेशक हरचरणसिंह ने आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर बताया है कि कस्टम ने इस माल को एंटिक पीस मानते हुए रोक लिया है। विभाग इसकी जांच करे। उसके बाद ही माल निर्यात हो सकेगा।
पुराने सिक्के व पीतल के आइटम
निर्यात होने वाले सामान में ज्यादातर सिक्के हैं, जो वास्तव में पुराने प्रतीत होते हैं। वहीं इस माल के साथ पुराने पीतल के बर्तन, घंटियां, दीपक व दर्पण शामिल हैं। बर्तनों में कुछ बर्तन ऐसे दिखाई दे रहे हैं जो कम से कम १क्क् वर्ष पुराने लगते हैं। कस्टम के नियमानुसार १क्क् वर्ष से पुराने आइटम को एंटिक माना जाता है।
कस्टम की टीम ने 18 अगस्त को आकस्मिक निरीक्षण किया तथा करीब २३ बॉक्स एक्सपोर्ट करने से रोक कर सीज कर दिए गए हैं। ज्यादा जानकारी तो कस्टम अधिकारी ही दे सकते हैं।
अनिल मोदी, थार ड्राई पोर्ट
यह पूरा माल उदयपुर की रामाकृष्ण गोयल शॉप का था, जिसे कस्टम की टीम ने एक्सपोर्ट होने से रोका है। मामले की जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
राकेश भंडारी, संचालक साईं शिपिंग कंपनी
डीएससी : ८७२६. बटन के नाम पर एक्सपोर्ट हो रहे थे पुराने सिक्के।
डीएससी ८७२९ : कस्टम द्वारा सीज एंटिक सामान।