कोटा/जयपुर. मेडिकल छात्र अबरार अली के आतंकवादियों से संबंध होने की जानकारी के बाद जयपुर गए उसके पिता अशफाक अली बेटे से बिना मिले ही बुधवार को कोटा लौट आए। उनका कहना है कि अगर उनका बेटा दोषी है तो उसे सरेबाजार फांसी पर लटकाया जाए, लेकिन यदि वह निर्दोष है तो उसे छोड़ दिया जाए।
शनिवार रात एसआईटी ने अबरार को हिरासत में लिया था। रविवार सुबह अबरार के पिता परिवार सहित जयपुर गए। वे बेटे से मिलने के लिए पुलिस अधिकारियों से मिन्नतें करते रहे, लेकिन उन्हें नहीं मिलने दिया गया।
अशफाक ने बताया कि अगर वह बेटे से पूछता तो अबरार झूठ नहीं बोलता। कोटा में नई मंडी में सब्जी बेचने वाला अशफाक तीन दिन तक परिवार सहित जयपुर में रहा, लेकिन जब उसके सारे प्रयास विफल गए तो वह कोटा लौट गया।
अब वह लोगों से यही कह रहा है कि पूरा देश अब अबरार को आतंकवादियों से मिला हुआ मानने लगा है। तीन भाइयों में सबसे बड़ा अबरार अली एसएमएस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में 27 नंबर के कमरे में रहता था।