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Other Sports Other Sports बीजिंग.
अपने ‘सॉलिड पंच’ के दम पर प्रतिद्वंदी को हरा कर भारतीयों को रोमांचित करने वाले मुक्केबाज विजेंद्र इतिहास बनाने की दहलीज पर खड़े हैं।
बीजिंग ओलिम्पिक के अपने सुहाने सफर में विजेंद्र का सेमीफाइनल में मुक्केबाजों की धरती कहे जाने वाले क्यूबा के बॉक्सर एमिलियो कोरी से शुक्रवार को मुकाबला होगा।
विजेंद्रअगर यह मुकाबला जीत लेते हैं तो उनके मार्फत भारत की झोली में एक ऐसी उपलब्धि आ जाएगी जिसकी चमक से भारतीय खेलों का भविष्य भी रोशन हो सकेगा।
बुधवार को 75 किग्रा मिडिलवेट वर्ग के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में इक्वाडोर के कालरेस गोंगोरा को ९-४ से हराने के साथ ही देश के लिए कम से कम एक पदक सुनिश्चित कर चुके 23 वर्षीय विजेंद्र सेमीफाइनल में जीत भारत की इस ओलिम्पिक में एक और स्वर्ण जीतने की उम्मीदों में नई जान डाल देगी।
विजेंद्र अगर स्वर्ण पदक जीतने में कामयाब हो गए तो यह न सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना होगी बल्कि क्रिकेट के दीवाने इस देश में अन्य खेलों की दिशा और दशा बदलने की संभावना भी मजबूत हो जाएगी।
लाइटवेल्टर से मिडिल वेट वर्ग में आने और एआईबीए प्रेजीडेंट्स कप टूर्नामेंट में एथेंस ओलिम्पिक के सर्वŸोष्ठ मुक्केबाज बख्तियार अरतीगेव को हराने के बाद नया मनोबल हासिल करने वाले विजेंद्र को अब ओलिम्पिक में स्वर्ण पदक का दावेदार माना जाने लगा है।