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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. हाथों में केसरिया या राष्ट्र ध्वज लिए थे शिवभक्त। जय भोलेनाथ और भारत माता के जयकारे गुंजायमान हो रहे थे। पुलिस उन्हें चारों तरफ से घेरी खड़ी थी, यह दृश्य था महाराज बाड़े का, जहां अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के तत्वावधान में अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन लौटाने की मांग को लेकर गिरफ्तारी देने शिवभक्त पहुंचे थे।
गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे राम मंदिर चौराहे पर विहिप व अन्य हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता व शिवभक्त एकत्रित हुए, जहां से महाराज बाड़े के लिए रवाना हुए। जुलूस में सबसे आगे भारत माता का चित्र और राष्ट्रीय ध्वज लेकर शिवभक्त चल रहे थे। ढोल के साथ जय भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए शिवभक्त दो लाइन में चल रहे थे। जुलूस दौलतगंज होते हुए महाराज बाड़ा पहुंचा।
गिरफ्तारी देने से पूर्व हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन वापस न देकर केन्द्र सरकार हिंदू विरोधी आचरण कर रही है।
जम्मू-कश्मीर में हिन्दू संगठन अमरनाथ श्राइन बोर्ड को जमीन वापस देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन को कुचलने के लिए केन्द्र व जम्मू-कश्मीर शासन के इशारे पर लाठीचार्ज व गोलीबारी की जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि शिवभक्तों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी की जाना बंद नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा।
इसके बाद जिला प्रशासन ने महाराज बाड़ा सभा स्थल को अस्थायी जेल घोषित कर दिया। एडीएम आरके जैन ने मंच पर आकर सभी शिवभक्तों को गिरफ्तार किए जाने की घोषणा की और तत्काल मुचलके पर रिहा करने के भी निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने आंदोलनकारियों को डीआरपी लाइन ले जाने के लिए बस आदि के भी इंतजाम महाराज बाड़े पर कर रखे थे।
गिरफ्तारी देने वालों में आरएसएस के सरसंघ चालक बैजनाथ शर्मा, अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के संयोजक पप्पू वर्मा, लोकेन्द्र पाराशर, गोपालकृष्ण छापरवाल, मुन्नालाल गर्ग, केलाप्रसाद उपाध्याय, लालू सिंह भदौरिया, विनोद शर्मा, मधुसूदन भदौरिया, सुमन शर्मा, मीना सचान, कमला सोनी, हरीश मेवाफरोश, नूतन श्रीवास्तव, विवेक शर्मा, विपुल दुबे, हिन्दू महासभा के नेता लक्ष्मण बाबा, कालीचरण धाकड़, घनश्याम माहौर, शिवकुमार सेन आदि उपस्थित थे।