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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. अल-जेहाद का एक आतंकी 13 अगस्त को शहर में था, उसने एक साइबर कैफे पर अपनी ई-मेल चेक कीं, अल-जेहाद की साइट देखी। साइबर कैफे संचालक की निगाह इसकी हरकत पर आते ही वह चला गया। जाते-जाते यह अपने बारे में क्लू कम्प्यूटर में छोड़ गया। मामला मप्र के स्पेशल टास्क फोर्स के सुपुर्द किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त को लगभग तीस वर्ष का एक व्यक्ति पड़ाव थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांधी नगर स्थित एक साइबर कैफे पर दोपहर में पहुंचा था। दाढ़ी वाले इस व्यक्ति के हाव-भाव संदिग्ध लग रहे थे। यह एक कम्प्यूटर पर बैठ गया। फिर उसने कम्प्यूटर पर सर्फिग शुरू कर दी। साइबर कैफे संचालक ने इस पर निगाह रखी और देखा कि यह अल-जेहाद की साइट देख रहा है। इस साइट को बंद करने के बाद उक्त व्यक्ति ने अपनी ई-मेल साइट खोली और ई-मेल चेक करने लगा।
साइबर कैफे संचालक की नजर को यह व्यक्ति भांप गया और जल्दी-जल्दी कम्प्यूटर सिस्टम से उठा और साइबर कैफे संचालक से पूछा कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन कहां है, उसे पंजाब मेल से नागपुर जाना है। चूंकि पंजाब मेल नागपुर नहीं जाती है, यह बात साइबर कैफे संचालक के ज्ञान में थी, इसलिए इस व्यक्ति पर उसकी शंका पुख्ता हो गई। इसने तुरंत ही पड़ाव पुलिस को सूचना दी। स्वतंत्रता दिवस से दो दिन पहले शहर में संदिग्ध व्यक्ति के होने की सूचना मिलते ही पुलिस सतर्क हुई और आनन-फानन इस साइबर कैफे पर पहुंच गई।
यहां आया संदिग्ध व्यक्ति अपना ई-मेल खुला छोड़ गया था। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से इसके ई-मेल एड्रेस का पासवर्ड तोड़ लिया। पासवर्ड तोड़ने के बाद पता चला कि जिस ई-मेल आईडी पर यह संदिग्ध व्यक्ति काम कर रहा था, वह अथर मोहम्मद खान के नाम से रजिस्टर्ड है।
साइबर एक्सपर्ट्स को अथर मोहम्मद खान के ई-मेल आईडी के आउट बॉक्स में तो कोई मैसेज नहीं मिला लेकिन इनबॉक्स में कुछ ऐसे मैसेज मिले जिन्हें सामान्य नहीं कहा जा सकता है।
एक मैसेज बेंगलुरु से आया था जिसमें लिखा गया था कि शेरवानी पहननी, तैयार रखना, ऐन समय पर गड़बड़ी न हो जाए। एक दूसरे मैसेज में लिखा था कि आज बच्चे का जन्म हो चुका है, इसकी लंबी उम्र की दुआ करें। एक अन्य मैसेज भी था जिसमें इसके एकाउंट में पच्चीस हजार रुपए ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख किया गया था।