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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय राजस्थान नहर और सरहिंद फीडर के आधुनिकीकरण के लिए 261 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट विश्व बैंक को देने के लिए सैद्धांतिक तौर पर सहमत हो गया है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मुलाकात करने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज ने यह जानकारी दी। बादल ने इन नहरों से हो रहे रिसाव चलते मुक्तसर और फरीदकोट इलाके में आई सेम की समस्या उठाई थी।
बादल ने कहा कि पंजाब इन प्रोजेक्ट्स को फंड की कमी के कारण चालू करने की स्थिति में नहीं है। राज्य सरकार ने इसके बारे पहले ही केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) को एक प्रस्ताव भेजा है जिसको अब विश्व बैंक के पास ले जाने का फैसला किया है।
बादल ने शाहपुर कंडी डैम को एक राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तौर पर लेने की भी केंद्र से मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र इस प्रोजेक्ट की लागत का 90 फीसदी वहन करें। सोज़ ने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि इस प्रस्ताव पर जल संसाधन मंत्रालय विचार करेगा।
बादल ने राज्य में बाढ़ के कारण ब्यास, सतलुज और रावी नदियों के डेढ़ सौ किलोमीटर बांधों की मरम्मत करने के लिए 30 करोड़ रुपए का समूचा खर्च केंद्र को उठाने के लिए कहा।
राज्य में भूजल का स्तर तेजी से घटने पर चिंता व्यक्त करते हुए बादल ने सोज़ से अपील की कि वह पंजाब को एक्सलेरेटिड इरिगे³ान बिल्डिंग प्रोग्राम के अधीन फंड में बढ़ौतरी करें। उन्होंने कहा कि पंजाब कृषि आधारित राज्य है और इसकी सिंचाई का बड़ा हिस्सा नहरों पर निर्भर है।