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पंजाब को दूसरा कश्मीर न बनाए कांग्रेस

चंडीगढ़. panjab हरियाणा में अलग एसजीपीसी बनाने के मुद्दे पर पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से दो टूक शब्दों में कह दिया कि कांग्रेस पंजाब को दूसरा जम्मू-कश्मीर बनाने की कोशिश न करे।

बादल इस मामले पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री से मिलने गए शिष्टमंडल में शामिल थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का अलग एसजीपीसी बनाने का ऐलान कांग्रेस की तुच्छ राजनीति का हिस्सा है।

उन्होंने कहा,पहले ही एक मुद्दे पर देश जल रहा है। ऐसे में पंजाब में भी वैसी ही समस्या खड़ी करना क्या सही होगा। कांग्रेस पंजाब में फिर वहां आग लगाना चाहती है। पंजाब ने कांग्रेस द्वारा पहले लगाई गई आग की बड़ी कीमत अदा की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सोनिया गांधी बीती घटनाओं से सबक सीखेंगी।

सुखबीर बादल ने आशा जताई कि सोनिया गांधी मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए सिखों के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगी। यदि एसजीपीसी को तोड़ने की कोशिश की गई तो पंजाब में हालात जम्मू-कश्मीर से भी ज्यादा बिगड़ जाएंगे। यदि प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी ने हरियाणा सरकार को नहीं रोका तो राष्ट्र के लिए नई समस्या खड़ी हो जाएगी।

ज्ञापन में बताया इतिहास : इस शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें एसजीपीसी के इतिहास के बारे में बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि लंबी लड़ाई लड़ने के बाद गुरुद्वारों को महंतों के कब्जे से छुड़वाया गया तो महात्मा गांधी ने इसे आजादी की पहली जीत बताया था।

आजादी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और शिरोमणि अकाली दल के प्रधान मास्टर तारा सिंह के बीच एक समझौता हुआ था। इसमें कहा गया था कि कोई भी राज्य और केंद्र सरकार सिखों के धार्मिक मामले में दखलअंदाजी नहीं करेगी।

‘हरियाणा से बात करेंगे गृहमंत्री’
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह मामले की गंभीरता समझते हैं क्योंकि एसजीपीसी का गठन सिखों ने हजारों कुर्बानियां देकर किया है। उन्होंने शिष्टमंडल को आश्वासन दिया कि वह गृहमंत्री शिवराज पाटिल से इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार से बात करने को कहेंगे।

मिनी पार्लियामेंट तोड़ने की कोशिश न करें

अमरनाथ श्राइन बोर्ड से जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा वापस लेने के बाद पूरा जम्मू-कश्मीर जल रहा है। हरियाणा में अलग एसजीपीसी बनाने पर पंजाब में यह आग बहुत बड़े पैमाने पर फैल सकती है क्योंकि यह मामला सिखों की मिनी पार्लियामेंट को तोड़ने का है।
-प्रकाश सिंह बादल

पंजाब के दबाव में नहीं आएंगे
चंडीगढ़. हरियाणा के लिए अलग एसजीपीसी के मामले में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का कहना है कि कृषि मंत्री हरमहेंद्र सिंह चट्ठा की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट मिलने पर वे राज्य के सिखों की भावनाओं के मुताबिक फैसला लेंगे। इससे साफ है कि वे पंजाब के दबाव में आने वाले नहीं हैं।

सब जानते हैं कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि हरियाणा के लिए अलग से एसजीपीसी का गठन किया जाएगा और यह सही है कि चुनावी घोषणा पत्र को लागू करने के मामले में मुख्यमंत्री पीछे नहीं हटेंगे। हुड्डा को अब चट्ठा कमेटी की सिफरिशों का इंतजार है। मुख्यमंत्री ने चट्ठा को 20 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था, लेकिन सरकार को अभी नहीं मिली है।

चट्ठा का कहना है, ‘रिपोर्ट जल्दी ही सरकार को सौंप दी जाएगी।’ पंजाब के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रवि इंद्र सिंह व दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना हरियाणा के लिए अलग से बनने वाली कमेटी के हक में हैं।





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