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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने उरला-सिलतरा इलाके में प्रदूषण फैलानेवाले उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सतर्क हुए आवास एवं पर्यावरण विभाग ने उद्योगपतियों के साथ संयुक्त बैठक करने का फैसला किया है। 25 अगस्त को होने वाली इस बैठक में विभाग के सचिव भी मौजूद रहेंगे।
राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने सिलतरा क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने स्पंज आयरन उद्योगों की चिमनी से निकलने वाले काले धुएं पर चिंता जताई थी।
आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव और छग पर्यावरण संरक्षण मंडल के अध्यक्ष बैजेंद्र कुमार ने बताया कि उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उद्योगपतियों, एनजीओ और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक्शन प्लान बनाया जाएगा।
वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम 1981 का पालन नहीं करने वाले उद्योगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसकी जांच करने वाले अफसरों पर भी निगाह रखी जाएगी। यदि अफसर कोताही बरतते हैं तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
विकास का हिसाब मांगा
कलेक्टर सोनमणि बोरा ने औद्योगिक समूहों से सामाजिक विभाग के निर्धारित रकम के खर्च का ब्योरा मांगा है। उद्योगों को टर्नओवर और लाभ का एक निश्चित हिस्सा आसपास के इलाकों के विस्तार पर खर्च करना है। माना जा रहा है कि ऐसा नहीं किया जा रहा है।
श्री बोरा ने इसपर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने आज शाम दो दर्जन बड़े उद्योगों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। इसमें अंबूजा सीमेंट भाठापारा, सेंचुरी सीमेंट बैकुंठ, वेदांत ग्लोबल सितलरा, एपीआई इस्पात, मोनेट इस्पात, समेत कई समूहों के उद्योगपतियों तथा प्रतिनिधियों ने शिरकत की। श्री बोरा ने कहा कि उद्योगों के आसपास के गांवों में प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है। उन्हें पर्यावरण सुधार की दिशा में काम करना चाहिए।